Tuesday, May 5, 2026

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सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बदलाव: जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने की तैयारी, मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रस्ताव के तहत सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 न्यायाधीश कार्यरत हैं। नए विधेयक के लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 38 हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे अदालत में कामकाज की गति बेहतर होगी।

बढ़ते मामलों के बोझ को देखते हुए निर्णय
सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। न्यायिक बोझ अधिक होने के कारण मामलों के निपटारे में देरी हो रही थी, जिसे कम करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया है।

संवैधानिक मामलों की सुनवाई में तेजी की उम्मीद
जजों की संख्या बढ़ने से विशेष रूप से संविधान पीठ से जुड़े मामलों और महत्वपूर्ण अपीलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। इससे न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

पहले भी हो चुके हैं कई संशोधन
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। वर्ष 2009 में संख्या 25 से बढ़ाकर 30 की गई थी। इसके बाद वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 34 किया गया था। अब 2026 में इसे 38 करने की तैयारी है।

ऐतिहासिक बदलाव की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या अधिनियम 1956 के तहत शुरुआत में केवल 10 न्यायाधीशों का प्रावधान था। बाद में कई संशोधनों के जरिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाया गया, ताकि बदलती जरूरतों के अनुसार न्याय व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

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सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बदलाव: जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने की तैयारी, मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रस्ताव के तहत सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 न्यायाधीश कार्यरत हैं। नए विधेयक के लागू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 38 हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे अदालत में कामकाज की गति बेहतर होगी।

बढ़ते मामलों के बोझ को देखते हुए निर्णय
सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। न्यायिक बोझ अधिक होने के कारण मामलों के निपटारे में देरी हो रही थी, जिसे कम करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया है।

संवैधानिक मामलों की सुनवाई में तेजी की उम्मीद
जजों की संख्या बढ़ने से विशेष रूप से संविधान पीठ से जुड़े मामलों और महत्वपूर्ण अपीलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। इससे न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

पहले भी हो चुके हैं कई संशोधन
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं। वर्ष 2009 में संख्या 25 से बढ़ाकर 30 की गई थी। इसके बाद वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 34 किया गया था। अब 2026 में इसे 38 करने की तैयारी है।

ऐतिहासिक बदलाव की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या अधिनियम 1956 के तहत शुरुआत में केवल 10 न्यायाधीशों का प्रावधान था। बाद में कई संशोधनों के जरिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाया गया, ताकि बदलती जरूरतों के अनुसार न्याय व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

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