
By Malay Ojha | Published: 05 July 2026 at 09:47 PM
बिहार में बिजली आपूर्ति को और अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक अजय यादव ने पटना के बोर्ड कॉलोनी स्थित ट्रांसफॉर्मर रिपेयर वर्कशॉप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि खराब ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत तय समय के भीतर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए, ताकि किसी भी इलाके में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित न हो।
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद उसे बदलने या मरम्मत करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी जरूरी पुर्जों और स्पेयर पार्ट्स का पर्याप्त भंडार हमेशा उपलब्ध रखा जाए। उनका कहना था कि यदि स्टॉक पहले से तैयार रहेगा तो आपात स्थिति में भी बिजली बहाल करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हर क्षमता के ट्रांसफॉर्मर रखने का निर्देश
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों से कहा कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर हमेशा उपलब्ध रहने चाहिए। इससे किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर खराब होने की स्थिति में तुरंत नया ट्रांसफॉर्मर लगाया जा सकेगा और बिजली आपूर्ति सामान्य रखने में मदद मिलेगी।
पटना की वर्कशॉप बनेगी पूरे राज्य की मॉडल इकाई
निरीक्षण के दौरान अजय यादव ने पटना स्थित ट्रांसफॉर्मर रिपेयर वर्कशॉप को राज्य की मॉडल वर्कशॉप के रूप में विकसित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए काम करने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जाएगा, कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उनका मानना है कि यदि पटना की यह वर्कशॉप बेहतर मॉडल के रूप में विकसित होती है तो इसका फायदा पूरे बिहार की बिजली व्यवस्था को मिलेगा।
तकनीक और प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को नई तकनीक अपनाने और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण पर भी जोर देने को कहा। उनका कहना था कि आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत तेज होगी और उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे बिजली वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।
निरीक्षण में मौजूद रहे कई अधिकारी
इस निरीक्षण के दौरान साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने वर्कशॉप में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ मरम्मत व्यवस्था तथा स्टॉक प्रबंधन पर चर्चा की।
सौरभ जोरवाल ने क्या कहा
निरीक्षण के बाद सौरभ जोरवाल ने कहा कि ट्रांसफॉर्मर रिपेयर वर्कशॉप में किए जा रहे सुधारों का सीधा लाभ बिजली वितरण व्यवस्था को मिलेगा। बेहतर स्टॉक प्रबंधन और समय पर मरम्मत से वितरण नेटवर्क पहले से ज्यादा मजबूत और जवाबदेह बनेगा। उन्होंने बताया कि विभाग जल्द ही नई तकनीकों को अपनाने और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
ऊर्जा विभाग का मानना है कि ट्रांसफॉर्मरों की समय पर मरम्मत और पर्याप्त उपलब्धता से बिजली कटौती की समस्या कम होगी। खासकर बारिश, तेज गर्मी या किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में बिजली बहाल करने का समय घटेगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। विभाग का लक्ष्य है कि भविष्य में ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं का असर आम लोगों तक न्यूनतम पहुंचे और बिजली व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत बने।
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