Wednesday, January 28, 2026

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गायनी दूरबीन सर्जरी महिलाओं के लिए वरदान : डॉ. संजीव कुमार

पटना, कंकड़बाग।कंकड़बाग स्थित वूमेन’स हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर (इंडो गईनी एवं फर्टिलिटी ट्रेनिंग सेंटर) में आयोजित एक विशेष जानकारी कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. संजीव कुमार एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमारी अनुराग ने गायनी दूरबीन सर्जरी एवं फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी के विषय में विस्तार से जानकारी दी।डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि गायनी दूरबीन सर्जरी महिलाओं के लिए गिफ्टेड सर्जरी है। इस सर्जरी में बिना किसी बड़े चीरे के, केवल पेंसिल के बराबर छोटे छेद से ऑपरेशन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में रक्तस्राव न के बराबर होता है, खून चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती और ओपन सर्जरी की तुलना में दर्द करीब 80 प्रतिशत तक कम होता है।

उन्होंने बताया कि दूरबीन सर्जरी के बाद मरीज को अस्पताल में बहुत कम समय रुकना पड़ता है। अधिकतम 48 घंटे के भीतर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। इस तकनीक से रिकवरी और फिटनेस बहुत तेजी से होती है, जिससे महिलाएं जल्द ही अपने सामान्य जीवन में लौट सकती हैं। साथ ही, इस सर्जरी का खर्च भी पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में कम होता है।

इस अवसर पर डॉ. कुमारी अनुराग ने फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दूरबीन तकनीक बच्चेदानी, डिम्बग्रंथि (ओवरी) और फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी समस्याओं के इलाज में बेहद प्रभावी है। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी के माध्यम से गर्भधारण की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अतः इसे फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी भी कहा जाता है

डॉ. अनुराग ने बताया कि फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी द्वारा 70 से 80 प्रतिशत महिलाओं की बंद फैलोपियन ट्यूब को सफलतापूर्वक खोला जा सकता है, जिससे उन्हें आईवीएफ जैसी महंगी और जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ती। कई दफा टेस्ट ट्यूब बेबी जैसे इलाज के पहले भी इस सर्जरी की जरूरत पड़ती है जैसे बच्चेदानी के अंदर दीवार को हटाना ,पॉलिप को हटाना ,फाइब्रॉयड को हटाना या अंडा दानी के बड़े सिस्ट को हटाना, बच्चेदानी की रसौली फाइब्रॉयड को हटाना इत्यादि ऐसी सर्जरी हैं। यह सर्जरी खासतौर पर उन महिलाओं के लिए लाभकारी है जो लंबे समय से संतान सुख से वंचित हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य को समर्पित इस संस्थान ने दूरबीन सर्जरी को हर गाइनेकोलॉजिस्ट के हाथ तक पहुंचाने का लक्ष्य साधते हुए उत्तर पूर्व भारत का पहला रियल हैंडसम गईं एंडोस्कोपी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की है जहां हाथ पकड़ कर गाइनेकोलॉजिस्ट को दूरबीन सर्जरी के गुड सिखाए जाते हैं

कार्यक्रम के अंत में दोनों चिकित्सकों ने महिलाओं को समय पर जांच कराने और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में दूरबीन सर्जरी स्त्री रोग और बांझपन के इलाज में एक सुरक्षित, प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है।

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गायनी दूरबीन सर्जरी महिलाओं के लिए वरदान : डॉ. संजीव कुमार

पटना, कंकड़बाग।कंकड़बाग स्थित वूमेन’स हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर (इंडो गईनी एवं फर्टिलिटी ट्रेनिंग सेंटर) में आयोजित एक विशेष जानकारी कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. संजीव कुमार एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमारी अनुराग ने गायनी दूरबीन सर्जरी एवं फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी के विषय में विस्तार से जानकारी दी।डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि गायनी दूरबीन सर्जरी महिलाओं के लिए गिफ्टेड सर्जरी है। इस सर्जरी में बिना किसी बड़े चीरे के, केवल पेंसिल के बराबर छोटे छेद से ऑपरेशन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में रक्तस्राव न के बराबर होता है, खून चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती और ओपन सर्जरी की तुलना में दर्द करीब 80 प्रतिशत तक कम होता है।

उन्होंने बताया कि दूरबीन सर्जरी के बाद मरीज को अस्पताल में बहुत कम समय रुकना पड़ता है। अधिकतम 48 घंटे के भीतर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। इस तकनीक से रिकवरी और फिटनेस बहुत तेजी से होती है, जिससे महिलाएं जल्द ही अपने सामान्य जीवन में लौट सकती हैं। साथ ही, इस सर्जरी का खर्च भी पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में कम होता है।

इस अवसर पर डॉ. कुमारी अनुराग ने फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दूरबीन तकनीक बच्चेदानी, डिम्बग्रंथि (ओवरी) और फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी समस्याओं के इलाज में बेहद प्रभावी है। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी के माध्यम से गर्भधारण की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अतः इसे फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी भी कहा जाता है

डॉ. अनुराग ने बताया कि फर्टिलिटी एनहांसिंग सर्जरी द्वारा 70 से 80 प्रतिशत महिलाओं की बंद फैलोपियन ट्यूब को सफलतापूर्वक खोला जा सकता है, जिससे उन्हें आईवीएफ जैसी महंगी और जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ती। कई दफा टेस्ट ट्यूब बेबी जैसे इलाज के पहले भी इस सर्जरी की जरूरत पड़ती है जैसे बच्चेदानी के अंदर दीवार को हटाना ,पॉलिप को हटाना ,फाइब्रॉयड को हटाना या अंडा दानी के बड़े सिस्ट को हटाना, बच्चेदानी की रसौली फाइब्रॉयड को हटाना इत्यादि ऐसी सर्जरी हैं। यह सर्जरी खासतौर पर उन महिलाओं के लिए लाभकारी है जो लंबे समय से संतान सुख से वंचित हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य को समर्पित इस संस्थान ने दूरबीन सर्जरी को हर गाइनेकोलॉजिस्ट के हाथ तक पहुंचाने का लक्ष्य साधते हुए उत्तर पूर्व भारत का पहला रियल हैंडसम गईं एंडोस्कोपी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की है जहां हाथ पकड़ कर गाइनेकोलॉजिस्ट को दूरबीन सर्जरी के गुड सिखाए जाते हैं

कार्यक्रम के अंत में दोनों चिकित्सकों ने महिलाओं को समय पर जांच कराने और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में दूरबीन सर्जरी स्त्री रोग और बांझपन के इलाज में एक सुरक्षित, प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है।

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