Bargi Dam में हुए दर्दनाक cruise हादसे ने पूरे देश को हिला दिया है। इस घटना में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ लोगों की तलाश अब भी जारी है।
रेस्क्यू में मिला दिल दहला देने वाला दृश्य
हादसे के कई घंटे बाद जब गोताखोरों की टीम डूबे हुए क्रूज के भीतर पहुंची, तो वहां ऐसा दृश्य मिला जिसने सभी को भावुक कर दिया। टीम को दो शव एक साथ मिले, जो मां और बेटी के थे।
मां ने आखिरी सांस तक बेटी को थामे रखा
बताया गया कि मृत महिला Julius Mesi थीं और उनके साथ उनकी मासूम बेटी सिया थी। गोताखोर जब शव निकालने पहुंचे तो महिला ने बेटी को सीने से इतनी मजबूती से पकड़ा हुआ था कि दोनों को अलग करने में काफी समय लगा।
मौत के उस भयावह पल में भी मां ने अपनी बच्ची को नहीं छोड़ा। यह दृश्य देखकर रेस्क्यू टीम के सदस्य भी भावुक हो उठे।
छुट्टियां मनाने आए थे परिवार
जानकारी के अनुसार, दिल्ली से मेसी परिवार अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताने जबलपुर आया था। परिवार के कई सदस्य बच्चों की जिद पर बरगी डैम घूमने पहुंचे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर दर्दनाक हादसे में बदल जाएगा।
शाम की सैर बनी मौत का सफर
शाम करीब 4 बजे क्रूज में लगभग 40 पर्यटक सवार थे। मौसम बदल रहा था, लेकिन लोग घूमने और आनंद लेने के मूड में थे। कुछ ही समय बाद क्रूज हादसे का शिकार हो गया।
लाइफ जैकेट को लेकर बड़ा खुलासा
हादसे में बचीं Sangeeta Kori ने बताया कि यात्रियों को life jacket नहीं पहनाई गई थी। सुरक्षा जैकेट स्टोर रूम में बंद रखी थीं। यदि समय पर जैकेट दी जाती, तो कई जानें बच सकती थीं।
प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। बिना सुरक्षा इंतजाम के cruise को अनुमति कैसे मिली? खराब मौसम में नाव को बीच पानी तक क्यों ले जाया गया? क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?
पर्यटन स्थल पर बड़ी लापरवाही
Bargi Dam जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर ऐसी घटना ने व्यवस्था की पोल खोल दी है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा से ज्यादा कमाई को महत्व दिया गया, जिसका नतीजा इतना बड़ा हादसा बना।
सिर्फ हादसा नहीं, चेतावनी भी
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता की चेतावनी है। अगर समय रहते जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।

