By Malay Ojha | Published: 04 July 2026 at 11:11 AM
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह का समय दिया, क्योंकि अमेरिका ऐसा करना चाहता था। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब ईरान में खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं और पूरे देश में शोक का माहौल है।
ट्रंप ने यह बयान अमेरिका की आजादी के 250वें वर्ष के समारोह के दौरान दिया। दक्षिण डकोटा के माउंट रशमोर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष का जिक्र किया। अपने भाषण में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह झकझोर दिया और अब वहां की सरकार समझौते के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी, क्योंकि वह ऐसा करना चाहता था।
भाषण में ईरान पर साधा सीधा निशाना
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई का असर इतना बड़ा रहा कि ईरान अब बातचीत और समझौते की राह तलाश रहा है। हालांकि ट्रंप ने अपने दावे के समर्थन में कोई अतिरिक्त जानकारी या आधिकारिक दस्तावेज पेश नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।
ईरान में शुरू हुआ सप्ताहभर का शोक कार्यक्रम
उधर, ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए राजकीय कार्यक्रम शुरू हो चुका है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम पूरे सप्ताह चलेंगे। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग राजधानी और अन्य तय स्थानों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इन कार्यक्रमों में लाखों लोग शामिल होंगे।
सुरक्षा के बीच हो रहे सभी कार्यक्रम
ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि कई स्थानों पर आम लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि सभी कार्यक्रम तय योजना के मुताबिक पूरे किए जाएंगे और किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
हमले के बाद टल गया था अंतिम संस्कार
ईरान का दावा है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। हालात को देखते हुए तत्काल अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। सुरक्षा कारणों और लगातार जारी तनाव के चलते अंतिम संस्कार का कार्यक्रम टाल दिया गया था।
संघर्षविराम के बाद तय हुई अंतिम विदाई
पिछले महीने संघर्षविराम लागू होने के बाद ईरानी प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तारीख तय की। इसके बाद पूरे देश में राजकीय शोक कार्यक्रम की घोषणा की गई। प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देशभर से लोगों की भागीदारी होगी।
दुनिया की नजर ईरान और अमेरिका पर
खामेनेई के अंतिम संस्कार और उसी दौरान आए ट्रंप के बयान ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के रिश्तों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में दिए गए इस तरह के बयान आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकते हैं। वहीं दुनिया भर की नजर इस बात पर भी टिकी है कि आगे दोनों देशों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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