
By Malay Ojha | Published: 06 July 2026 at 07:36 PM
बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को तेज, पारदर्शी और बेहतर सेवाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव ने सोमवार को बिजली विभाग की सभी प्रमुख डिजिटल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सभी कार्यालयों में डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बिना देरी के बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सोमवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिजली विभाग की कई महत्वपूर्ण डिजिटल योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल समेत बिजली कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ऊर्जा सचिव ने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल ही विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बना सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ तय समय के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश दिया।
हर कार्यालय में डिजिटल कामकाज पर जोर
ऊर्जा सचिव ने बैठक के दौरान सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था को तेजी से लागू करने पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था कि फाइलों और सरकारी कामकाज को डिजिटल माध्यम से संचालित करने से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और कामकाज में अनावश्यक देरी भी कम होगी। इससे विभाग की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ-साथ आम लोगों को भी बेहतर सेवा मिलेगी।
राजस्व और बिलिंग व्यवस्था की हुई समीक्षा
बैठक में राजस्व प्रबंधन प्रणाली की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बिजली बिल तैयार करने, राजस्व संग्रह, बकाया वसूली और वित्तीय निगरानी से जुड़े कामों की जानकारी दी। ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट किया कि राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाएं जितनी मजबूत होंगी, विभाग की आर्थिक स्थिति उतनी ही बेहतर होगी और उपभोक्ताओं को भी समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी
बैठक में विभाग की एकीकृत डिजिटल प्रणाली के तहत मानव संसाधन, वित्त, खरीद, सामग्री प्रबंधन और लेखा व्यवस्था की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि अलग-अलग शाखाओं में चल रहे कामों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इससे विभाग के भीतर कामकाज अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगा।
उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी नजर
सुविधा बिहार ऐप के जरिए लोगों को मिल रही सेवाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान, शिकायत दर्ज कराने, नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन और अन्य डिजिटल सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐप के जरिए मिलने वाली सभी सुविधाएं आसान, तेज और भरोसेमंद बनाई जाएं ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
साइबर सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी सतर्कता
बिजली विभाग की डिजिटल व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की कार्यप्रणाली की भी विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बिजली क्षेत्र से जुड़े सूचना तंत्र और संचालन नेटवर्क की चौबीसों घंटे निगरानी, संभावित साइबर हमलों की समय रहते पहचान और तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को सूचना सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
तकनीक के सहारे बेहतर होगी बिजली सेवा
बैठक के अंत में ऊर्जा सचिव ने कहा कि डिजिटल परियोजनाओं का उद्देश्य केवल विभागीय कामकाज को आसान बनाना नहीं है, बल्कि आम उपभोक्ताओं तक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं पहुंचाना भी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार दिखाई दे और लोगों का भरोसा मजबूत हो।
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