केंद्र सरकार जल्द ही 2.5 लाख करोड़ रुपये की बड़ी क्रेडिट गारंटी योजना ला सकती है। वित्त मंत्रालय ने इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है और मंत्रालयों के बीच जरूरी चर्चा भी पूरी हो चुकी है। अब इस प्रस्ताव पर जल्द फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है।
आंतरिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी
इस योजना को पहले ही व्यय वित्त समिति से मंजूरी मिल चुकी है। इसका मतलब है कि योजना की लागत, ढांचा और वित्तीय असर की जांच पूरी कर ली गई है। यह कैबिनेट मंजूरी से पहले का अहम चरण माना जाता है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
सूत्रों के मुताबिक यह योजना छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ एयरलाइंस और नकदी संकट से जूझ रहे अन्य कारोबारों के लिए तैयार की गई है। पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक हालात का असर कई क्षेत्रों पर पड़ा है।
कारोबारों को कर्ज मिलने में आसानी
सरकार की यह योजना बैंकों के जरिए कारोबारों को ऋण दिलाने में मदद करेगी। क्रेडिट गारंटी मिलने से बैंकों का जोखिम कम होगा और प्रभावित कंपनियों को आसानी से कर्ज मिल सकेगा।
अंतिम फैसला कैबिनेट पर निर्भर
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार समिति की सिफारिशों के बाद अब प्रस्ताव कैबिनेट प्रक्रिया में है। इसमें कैबिनेट नोट तैयार करना और सभी मंत्रालयों से राय लेना शामिल होता है। फिलहाल योजना इसी चरण में है।
अर्थव्यवस्था को मिल सकता है सहारा
अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो यह योजना आर्थिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। खासतौर पर छोटे कारोबारों के लिए इसे राहत पैकेज के तौर पर देखा जा रहा है।

