
By Malay Ojha | Published: 05 July 2026 at 09:45 AM
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर सरकार अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैयारियों में जुट गई है। विदेशी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन को आशंका है कि अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा में इतनी बड़ी भीड़ उमड़ सकती है कि भगदड़, भीषण गर्मी या अन्य अव्यवस्था के कारण 1,500 से 3,000 लोगों की जान तक जा सकती है। इसी खतरे को देखते हुए राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में पहले से आपातकालीन इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं।
जर्मनी के अखबार डाई वेल्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को इस आयोजन की सबसे बड़ी चुनौती माना है। बताया गया है कि सिर्फ तेहरान में ही करीब दो करोड़ लोगों के अंतिम यात्रा में शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। इसी वजह से अस्पतालों, राहत एजेंसियों और आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दो करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के रेड क्रिसेंट और राष्ट्रीय संकट प्रबंधन संगठन ने उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ को एक गोपनीय पत्र भेजकर संभावित खतरों से अवगत कराया है। प्रशासन को आशंका है कि यदि भीड़ नियंत्रण में मामूली चूक भी हुई तो हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। इसी कारण मृतकों और लापता लोगों के लिए अलग से विशेष व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है।
आपदा से निपटने के लिए अलग व्यवस्था
तेहरान प्रशासन ने राजधानी के सबसे बड़े कब्रिस्तान बेहेश्त-ए-जहरा में पहले से हजारों नई कब्रें तैयार करा दी हैं। इसके अलावा राहत एवं बचाव दल, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाओं को भी बड़े पैमाने पर तैनात किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
पहले से तैयार की गईं हजारों कब्रें
रिपोर्ट के मुताबिक अली खामेनेई का पार्थिव शरीर कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। तेहरान के ग्रैंड प्रेयर हॉल में श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक महत्व वाले शहरों से होते हुए अंतिम संस्कार के लिए मशहद ले जाया जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
कई शहरों से होकर निकलेगी अंतिम यात्रा
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने राजधानी में चौबीसों घंटे मुफ्त मेट्रो और बस सेवा चलाने की तैयारी की है। हजारों अतिरिक्त बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी ताकि लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रहे। बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने के लिए स्कूलों, मस्जिदों और सामुदायिक भवनों को अस्थायी आवास के रूप में तैयार किया गया है।
मुफ्त परिवहन और ठहरने का इंतजाम
सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। कई स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान कुछ इलाकों में यातायात और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। केवल तेहरान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम पर करीब 1.7 करोड़ डॉलर खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
सुरक्षा पर करोड़ों डॉलर खर्च
ईरान इस आयोजन को लेकर इसलिए भी बेहद सतर्क है क्योंकि अतीत में बड़े जनाजों के दौरान दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2020 में आईआरजीसी कमांडर कासिम सुलेमानी के अंतिम संस्कार में मची भगदड़ में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इससे पहले वर्ष 1989 में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक आयतुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के जनाजे में भी भगदड़ के कारण कई लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे।
पुराने हादसों से मिला बड़ा सबक
विदेशी मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सरकार केवल भीड़ को लेकर ही चिंतित नहीं है, बल्कि मौजूदा राजनीतिक माहौल भी उसकी चिंता बढ़ा रहा है। हाल के घटनाक्रमों के बाद कुछ कट्टरपंथी गुटों की नाराजगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
राजनीतिक तनाव भी बना चिंता का कारण
फिलहाल ईरान की पूरी कोशिश यही है कि देश के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होने जा रही भीड़ को सुरक्षित रखा जाए। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अंतिम यात्रा के दौरान पूरी दुनिया की नजर ईरान की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर टिकी रहेगी।
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