अगर सुबह वॉशरूम जाने के बाद भी पेट पूरी तरह साफ न हो, पेट भारी लगे, गैस बने या मितली जैसा महसूस हो तो यह कब्ज का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक यह समस्या रहने पर रोजमर्रा की दिनचर्या भी प्रभावित हो सकती है।
कब्ज होने की आम वजहें
कम पानी पीना, भोजन में रेशा कम होना, शरीर का कम सक्रिय रहना, तनाव, देर रात तक जागना, अनियमित समय पर खाना और मैदा या ज्यादा तला-भुना भोजन कब्ज की बड़ी वजह बन सकते हैं।
दवा नहीं, घर का आसान उपाय
बार-बार दवा लेने के बजाय कुछ घरेलू चीजों से बना चूर्ण पाचन सुधारने में मदद कर सकता है। यह उपाय कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी परेशानियों में राहत देने वाला माना जाता है।
किन चीजों से बनेगा चूर्ण
इस चूर्ण को बनाने के लिए 2 चम्मच हरड़ पाउडर, 1 चम्मच सौंफ पाउडर, 1 चम्मच जीरा, आधा चम्मच सोंठ पाउडर और 1 चम्मच काला नमक लें। ये सभी चीजें पाचन के लिए लाभकारी मानी जाती हैं।
बनाने का आसान तरीका
सभी सामग्री को एक साथ मिलाकर अच्छी तरह पीस लें, ताकि बारीक चूर्ण तैयार हो जाए। इसके बाद इसे सूखे और बंद डिब्बे में भरकर रख लें। स्वाद बेहतर करने के लिए मसालों को हल्का भून भी सकते हैं।
कब और कैसे लें
रोज रात को गुनगुने पानी के साथ आधा से एक चम्मच चूर्ण लिया जा सकता है। अगर पेट फूलने की शिकायत रहती है तो भोजन के बाद भी इसे लिया जा सकता है।
जरूरत के अनुसार मात्रा बदलें
अगर दस्त की समस्या हो तो हरड़ की मात्रा कम रखें। कब्ज ज्यादा हो तो हरड़ थोड़ी बढ़ाई जा सकती है। जिन लोगों को अम्लता या पित्त की समस्या रहती है, वे सोंठ कम मात्रा में लें।
किन लोगों को सावधानी जरूरी
गर्भावस्था में बिना डॉक्टर की सलाह यह चूर्ण न लें। किसी गंभीर बीमारी, लगातार दवा चलने या बार-बार दस्त होने की स्थिति में भी पहले चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।
जरूरी सलाह
अगर कब्ज लंबे समय से है, मल में खून आता है, तेज दर्द रहता है या वजन तेजी से घट रहा है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं।

