बिहार ने बनाया नया बिजली रिकॉर्ड! पहली बार 9,426 मेगावाट की मांग पूरी, बिना कटौती मिलती रही सप्लाई

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बिहार में 9426 मेगावाट रिकॉर्ड बिजली मांग पूरी होने का प्रतीकात्मक दृश्य
रिकॉर्ड 9,426 मेगावाट मांग के बावजूद बिहार में निर्बाध बिजली आपूर्ति जारी रही।

By Malay Ojha | Published: 05 July 2026 at 09:25 AM

बिहार ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। चार जुलाई की रात दस बजकर दो मिनट पर राज्य में अब तक की सबसे अधिक 9,426 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज हुई, जिसे बिना किसी बड़े व्यवधान के पूरा कर लिया गया। खास बात यह रही कि रिकॉर्ड स्तर की मांग के बावजूद किसी बड़े पैमाने पर बिजली कटौती नहीं हुई और लोगों को लगातार बिजली मिलती रही। यह उपलब्धि राज्य की मजबूत होती बिजली व्यवस्था और बढ़ती क्षमता का संकेत मानी जा रही है।

बिहार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बार पहली बार राज्य में पीक डिमांड 9,426 मेगावाट तक पहुंच गई। इसके बावजूद ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था पूरी तरह संतुलित रही। बिजली कंपनियों ने पूरे सिस्टम की लगातार निगरानी की, जिससे कहीं भी बड़ा तकनीकी संकट नहीं आया और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रही।

हर साल बन रहे नए रिकॉर्ड, मांग लगातार बढ़ रही
एक समय ऐसा था जब बिहार की अधिकतम बिजली मांग करीब 1,800 मेगावाट के आसपास रहती थी। लेकिन विकास की रफ्तार के साथ बिजली की जरूरत भी तेजी से बढ़ी है। अब राज्य में नौ हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की मांग सामान्य होती जा रही है। पहले जहां साल में एक बार पीक डिमांड का रिकॉर्ड बनता था, वहीं अब ऐसे रिकॉर्ड कई बार टूट रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है बिजली की खपत?
राज्य में नए उद्योगों की शुरुआत, शहरों का तेजी से विस्तार, कारोबार बढ़ने और खेती में बिजली से चलने वाले संसाधनों के ज्यादा इस्तेमाल के कारण बिजली की जरूरत लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर गांवों में भी लगभग हर घर तक बिजली पहुंचने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार के चलते घरेलू खपत में भी तेजी आई है। यही वजह है कि बिजली विभाग लगातार अपनी क्षमता बढ़ाने में जुटा हुआ है।

ग्रिड और नेटवर्क को लगातार किया जा रहा मजबूत
बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में ट्रांसमिशन लाइन, ग्रिड उपकेंद्र, पावर ट्रांसफॉर्मर और वितरण नेटवर्क का लगातार विस्तार किया गया है। आधुनिक तकनीक की मदद से बिजली व्यवस्था की हर समय निगरानी की जा रही है। रियल टाइम मॉनिटरिंग और बेहतर लोड मैनेजमेंट की वजह से अधिक मांग के समय भी ग्रिड स्थिर बना रहता है और बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होती।

24 घंटे नजर रख रहा ऊर्जा विभाग
ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियां पूरे सिस्टम की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। किसी भी संभावित तकनीकी समस्या का पहले से आकलन कर जरूरी इंतजाम किए जाते हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए 1912 हेल्पलाइन और राज्यभर में फ्यूज कॉल सेंटर लगातार सक्रिय हैं। यहां दर्ज शिकायतों का जल्द निपटारा करने का दावा किया गया है।

ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि राज्य में बिजली की बढ़ती मांग बिहार के तेजी से हो रहे विकास की तस्वीर दिखाती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर उपभोक्ता तक बिना रुकावट अच्छी गुणवत्ता की बिजली पहुंचाना है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों को बधाई भी दी।

ऊर्जा विभाग के सचिव का दावा
ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी अजय यादव ने कहा कि बढ़ती बिजली जरूरत को देखते हुए ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, बेहतर ग्रिड प्रबंधन और रियल टाइम निगरानी की वजह से बिहार लगातार बढ़ती पीक डिमांड को सफलतापूर्वक संभाल रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को भी पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है।

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