राष्ट्रीय जनता दल ने मौलाना तौसीफ रजा की मौत के मामले में गंभीर रुख अपनाया है। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को घटना की जानकारी मिलने के बाद संगठन स्तर पर तुरंत चर्चा हुई। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी मामले पर चिंता जताई है।
तेजस्वी यादव ने जताई गंभीरता
राजद नेतृत्व ने कहा है कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना जरूरी है।
ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी घटना
जानकारी के अनुसार मौलाना तौसीफ रजा 26 अप्रैल की रात ट्रेन से सफर कर रहे थे। अगले दिन सुबह उनका शव बरेली कैंट के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिलने की बात सामने आई। इस घटना के बाद कई सवाल उठने लगे हैं।
मौत की परिस्थितियों पर उठे सवाल
घटना को लेकर परिजनों और राजनीतिक दलों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पत्नी से फोन पर हुई थी बातचीत
राजद प्रवक्ता ने दावा किया कि घटना के दौरान मौलाना तौसीफ रजा ने अपनी पत्नी को फोन कर मदद की बात कही थी। बताया गया कि उनके पास कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद है, जिसे जांच में अहम माना जा रहा है।
कॉल रिकॉर्ड बन सकता है बड़ा सबूत
यदि कॉल विवरण की पुष्टि होती है तो जांच एजेंसियों को घटना की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।
साजिश की आशंका जताई गई
राजद नेताओं ने कहा कि मामला सामान्य दुर्घटना जैसा नहीं दिखता और इसकी गहराई से जांच जरूरी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी इसकी व्यापक जांच की मांग तेज हो गई है।
14 सदस्यीय जांच समिति गठित
राजद ने इस मामले की जांच के लिए 14 सदस्यीय समिति बनाई है। समिति की अगुवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी करेंगे। इसमें कई विधायक, पूर्व विधायक और जिला स्तरीय पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।
वरिष्ठ नेताओं को मिली जिम्मेदारी
समिति को जल्द घटना स्थल का दौरा कर तथ्य जुटाने का निर्देश दिया गया है।
परिवार से मिलेगी समिति, रिपोर्ट देगी
पार्टी के अनुसार जांच समिति पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगी और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी जुटाएगी। इसके बाद पूरी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय पटना को सौंपी जाएगी।
रिपोर्ट के बाद अगला फैसला संभव
समिति की रिपोर्ट आने के बाद पार्टी आगे की रणनीति तय कर सकती है।

