पटना, 22 मार्च 2026: बिहार दिवस के अवसर पर आज पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष बिहार दिवस का मुख्य विषय “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” रखा गया है। कार्यक्रम का आयोजन 22 मार्च से 24 मार्च तक किया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा मगध विश्वविद्यालय, बोधगया को नोडल विश्वविद्यालय के रूप में चयनित किया गया, जिसके सफल मार्गदर्शन में यह आयोजन संपन्न हो रहा है।उद्घाटन सत्र में सभी विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रो. एन. के. अग्रवाल, प्रो. शशि प्रताप शाही, श्री विनायक मिश्रा, प्रो. रत्नामृत एवं प्रो. अतुल आदित्य पांडे सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।प्रो. एन. के. अग्रवाल, निदेशक, उच्च शिक्षा, बिहार सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार प्राचीन काल से ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और कला का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर आयोजित नृत्य, रंगोली एवं मेंहदी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास और नेतृत्व क्षमता के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक पहचान, शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए बेटियों के सशक्तिकरण हेतु चलाए जा रहे कार्यक्रमों की भी सराहना की।मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिहार दिवस हमें अपने गौरवशाली इतिहास और योगदान पर गर्व करने का अवसर देता है। उन्होंने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध गतिविधियों और संस्थागत विकास को नई दिशा देने के प्रयासों का उल्लेख किया तथा राज्य में हो रहे विकास कार्यों, विशेषकर बिजली, सड़क और कानून व्यवस्था में सुधार को सराहा।
शिक्षा विभाग के उप निदेशक श्री विनायक मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह आयोजन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया।बी.डी. कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रत्नामृत ने ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से बिहार दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए वर्ष 2010 से इस महापर्व की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।पटना विश्वविद्यालय के प्रो. अतुल आदित्य पांडे ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बिहार दिवस के अवसर पर विविध विधाओं का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय है।कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम ने प्रारंभ में विषय-व्याख्या प्रस्तुत की तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने बिहार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी नागरिकों से राज्य की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।इस अवसर पर रंगोली, मेंहदी तथा तीन श्रेणियों—एकल शास्त्रीय नृत्य, एकल लोक नृत्य एवं समूह लोक नृत्य—की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के पांच विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा पटना विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय एवं मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बिहार दिवस पर पटना में मगध विश्वविद्यालय की अनूठी पहल
बिहार दिवस पर पटना में मगध विश्वविद्यालय की अनूठी पहल
पटना, 22 मार्च 2026: बिहार दिवस के अवसर पर आज पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष बिहार दिवस का मुख्य विषय “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” रखा गया है। कार्यक्रम का आयोजन 22 मार्च से 24 मार्च तक किया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा मगध विश्वविद्यालय, बोधगया को नोडल विश्वविद्यालय के रूप में चयनित किया गया, जिसके सफल मार्गदर्शन में यह आयोजन संपन्न हो रहा है।उद्घाटन सत्र में सभी विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रो. एन. के. अग्रवाल, प्रो. शशि प्रताप शाही, श्री विनायक मिश्रा, प्रो. रत्नामृत एवं प्रो. अतुल आदित्य पांडे सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।प्रो. एन. के. अग्रवाल, निदेशक, उच्च शिक्षा, बिहार सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार प्राचीन काल से ज्ञान, विज्ञान, दर्शन और कला का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर आयोजित नृत्य, रंगोली एवं मेंहदी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास और नेतृत्व क्षमता के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक पहचान, शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए बेटियों के सशक्तिकरण हेतु चलाए जा रहे कार्यक्रमों की भी सराहना की।मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिहार दिवस हमें अपने गौरवशाली इतिहास और योगदान पर गर्व करने का अवसर देता है। उन्होंने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध गतिविधियों और संस्थागत विकास को नई दिशा देने के प्रयासों का उल्लेख किया तथा राज्य में हो रहे विकास कार्यों, विशेषकर बिजली, सड़क और कानून व्यवस्था में सुधार को सराहा।
शिक्षा विभाग के उप निदेशक श्री विनायक मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह आयोजन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया।बी.डी. कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रत्नामृत ने ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से बिहार दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए वर्ष 2010 से इस महापर्व की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।पटना विश्वविद्यालय के प्रो. अतुल आदित्य पांडे ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बिहार दिवस के अवसर पर विविध विधाओं का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय है।कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम ने प्रारंभ में विषय-व्याख्या प्रस्तुत की तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने बिहार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी नागरिकों से राज्य की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।इस अवसर पर रंगोली, मेंहदी तथा तीन श्रेणियों—एकल शास्त्रीय नृत्य, एकल लोक नृत्य एवं समूह लोक नृत्य—की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के पांच विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा पटना विश्वविद्यालय, मगध विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय एवं मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

