छपरा/सारण।सारण जिला परिषद की उपाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, बिहार प्रदेश की प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका सिंह आज जिले की अग्रणी महिला नेत्रियों में शुमार की जाती हैं। साफ-सुथरी छवि, प्रखर वक्तृत्व शैली और जनसरोकारों से गहरा जुड़ाव उन्हें स्थानीय राजनीति में एक विशिष्ट पहचान दिलाता है।राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए प्रियंका सिंह ने लगातार अपने क्षेत्र से जिला परिषद का चुनाव जीतकर अपनी जनस्वीकृति साबित की है। वर्तमान कार्यकाल में भी उनका प्रभाव और दबदबा बरकरार है। आम जनता के सुख-दुख में सहभागिता और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास ने उन्हें भीड़ से अलग पहचान दी है।
जनसेवा से राजनीति तक का सफर
प्रियंका सिंह का राजनीतिक सफर केवल पद प्राप्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता के रूप में वे न केवल पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से रखती हैं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी मुखरता से अपनी बात रखती हैं।
उनकी पहचान एक प्रखर वक्ता के रूप में भी है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर उनके भाषणों में स्थानीय मुद्दों की स्पष्ट समझ और समाधान की प्रतिबद्धता झलकती है।
तरैया विधानसभा में मजबूत दावेदारी
सारण जिले के तरैया विधानसभा क्षेत्र से पिछले दो चुनावों में प्रियंका सिंह को टिकट की प्रबल दावेदार माना जाता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में उनकी सक्रियता और लोकप्रियता उन्हें भविष्य की सियासत में एक मजबूत विकल्प बनाती है। एनडीए की समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने संगठन के प्रति अपनी निष्ठा भी समय-समय पर प्रदर्शित की है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की आवाज
जिला परिषद उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी है। स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के बीच विशेष स्थान बनाया है।
जनमानस में मजबूत पकड़
प्रियंका सिंह की राजनीति का मूल आधार जनसंपर्क और भरोसा है। चाहे किसी परिवार में दुख की घड़ी हो या विकास कार्यों की आवश्यकता, वे मौके पर उपस्थित रहने के लिए जानी जाती हैं। यही कारण है कि आम जनमानस में उनकी छवि एक संवेदनशील और सक्रिय जनप्रतिनिधि की बनी हुई है।
सारण की राजनीति में महिला नेतृत्व का यह उभरता चेहरा आने वाले समय में और सशक्त भूमिका निभा सकता है। फिलहाल, प्रियंका सिंह अपने क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर जनसेवा की राजनीति को मजबूती देने में जुटी हैं।

