जेडीयू के प्रदेश सचिव और राजनीतिक सलाहकार डॉ. आचार्य राहुल परमार ने अपनी नई पुस्तक “बिहार के भाग्य विधाता” में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भविष्य को लेकर कुछ भविष्यवाणी पांच महीने पहले की थी। क्योंकि इसमें भविष्यवाणियों के माध्यम से नीतीश कुमार की राजनीति और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को छूने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर में हुआ था। इस वर्ष 1 मार्च 2026 को उनका 75वां जन्मदिन मनाया जाएगा। डॉ. परमार ने मुंथा पद्धति के आधार पर नीतीश कुमार की राशि का विश्लेषण किया है। इस अध्ययन के आधार पर उन्होंने कहा है कि आने वाले वर्ष में नीतीश कुमार के स्वास्थ्य में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, जिनमें शरीर में कष्ट, दांत और आँखों की समस्याएँ शामिल हैं। इसके अलावा, स्थान परिवर्तन की भी संभावना जताई गई है।
हालांकि, इस गंभीरता के बीच, डॉ. परमार ने यह भी बताया कि इस वर्ष के मुंथे के पाँचवे स्थान पर होने से नीतीश कुमार को राजनीति में लाभ, विशेष रूप से पुत्र के माध्यम से होने वाले विवाह से, और यश की प्राप्ति की संभावनाएँ हैं। उनकी कीर्ति और प्रसिद्धि पूरे देश में फैलने की उम्मीद भी जताई गई है। इस वर्ष गोचरफल सभी प्रकार से नीतीश कुमार के पक्ष में होने की बात की गई है, जो उनके राजनीतिक सफर को और भी मजबूती प्रदान कर सकता है।
डॉ. परमार ने पुस्तक में यह भविष्यवाणी पांच महीने पहले की है कि 3 जून 2027 को एक बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। इसका कारण है शनि का मीन राशि छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करना। यह परिवर्तन बिहार की राजनीति और विशेषकर नीतीश कुमार के लिए कई नए अवसर ला सकता है।
नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा कई उतार-चढ़ाव से भरी रही है, लेकिन उनके प्रति जनता का जो विश्वास है, वह उनका सबसे बड़ा सहारा रहा है। डॉ. परमार द्वारा की गई यह भविष्यवाणियाँ उनकी अगली राजनीतिक कुशलताओं और निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं।
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह पुस्तक पढ़ने योग्य है, और इसके जरीए हम आने वाले समय में बिहार की राजनीति की चाल को समझ सकते हैं।

