भारत में Digital Arrest Scam को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने बताया कि WhatsApp ने जनवरी से शुरू हुई 12 हफ्तों की अवधि में 9400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट बंद किए हैं।
WhatsApp ने यह कार्रवाई सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर की है। कंपनी ने कहा कि यह कदम साइबर ठगी रोकने और यूजर्स की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया।
Cambodia से चल रहा था ठगी नेटवर्क
कंपनी की जांच में पता चला कि भारतीय लोगों को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर Cambodia में मौजूद स्कैम सेंटर से चलाए जा रहे थे। इससे साफ हुआ कि भारत में Digital Arrest Scam का बड़ा नेटवर्क विदेश से संचालित हो रहा था।
ऐसे बनाते थे सरकारी अफसर
ठगी करने वाले लोग अपने अकाउंट पर Delhi Police, Mumbai HQ, CBI और ATS Department जैसे नाम लगाते थे। साथ ही प्रोफाइल फोटो में सरकारी लोगो इस्तेमाल करते थे, ताकि लोगों को शक न हो।
WhatsApp ने लगाए नए टूल
कंपनी ने बताया कि जालसाजों पर लगाम लगाने के लिए नए Enforcement Tools लगाए गए हैं। इससे फर्जी अकाउंट पहचानने और तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
I4C से मिली अहम जानकारी
WhatsApp ने कहा कि यह विशेष जांच भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग से मिली जानकारी के आधार पर शुरू की गई थी।
SIM Binding पर भी सहमति
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट के अनुसार WhatsApp ने Subscriber Identity Module यानी SIM Binding लागू करने पर सहमति जताई है। इससे फर्जी नंबरों से बनने वाले अकाउंट पर रोक लग सकती है।
Privacy Rules का पालन करेगा मंच
कंपनी ने भरोसा दिलाया कि वह सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 का पालन करेगी। साथ ही कानूनी और निजता की सीमाओं के भीतर समय-समय पर जरूरी डेटा साझा करेगी।

