अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर शुक्रवार सुबह पटना के राजीव नगर इलाके में सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर साथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रम की गरिमा को सामने लाना और मजदूर वर्ग के प्रति सम्मान जताना था।
सभा में सरकार की नीतियों पर हमला
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में मजदूरों के हितों की लगातार अनदेखी हो रही है, जबकि नीतियां बड़े कारोबारी घरानों के पक्ष में बन रही हैं।
बढ़ती आर्थिक असमानता पर चिंता
उन्होंने कहा कि देश में अमीर और गरीब के बीच दूरी तेजी से बढ़ रही है। एक ओर बड़े उद्योगपति लगातार संपत्ति बढ़ा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मजदूर वर्ग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। यह स्थिति चिंताजनक है।
झारखंड की घटना का किया जिक्र
धनंजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में झारखंड की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मजदूर को अपनी मृत बहन के खाते से पैसा निकालने के लिए कंकाल तक बैंक ले जाना पड़ा। उन्होंने इसे व्यवस्था की असंवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण बताया।
किसान और मजदूरों के देश की बात
उन्होंने कहा कि भारत किसानों और मजदूरों का देश रहा है, लेकिन अब यह कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों तक सीमित होता जा रहा है। ऐसे समय में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और बेहतर जीवन के लिए संगठित संघर्ष जरूरी है।
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष विनय कुमार झा, प्रदेश प्रवक्ता शैलेंद्र मोहन, प्रदेश समिति सदस्य आयुष श्रीवास्तव, विवेक कुमार, लवकुश, निलेश कुमार समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मजदूरों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
मजदूर एकता के संदेश के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन मजदूर एकता, श्रम सम्मान और सामाजिक न्याय के संदेश के साथ हुआ। नेताओं ने कहा कि मजदूर वर्ग की आवाज को मजबूत करने के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

