By Malay Ojha | Published: 06 July 2026 at 03:22 PM
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर भविष्य में ईरान का कोई भी नेता इज़रायल को मिटाने की कोशिश करेगा तो उसका अंजाम भी अली खामेनेई जैसा ही होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब तेहरान की सड़कों पर लाखों लोग खामेनेई को अंतिम विदाई देने पहुंचे और कई जगह बदले की मांग वाले नारे भी सुनाई दिए।
इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने कहा कि अली खामेनेई को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने इज़रायल को खत्म करने की योजना बनाई थी और उसका नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों को खत्म करने निकला था, आखिरकार वही मारा गया। अब अगर कोई दूसरा ईरानी नेता भी उसी रास्ते पर चलता है तो इज़रायल उसे भी नहीं छोड़ेगा।
अंतिम संस्कार के बीच बढ़ा तनाव
तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुटी। बड़ी संख्या में लोगों ने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ नारे लगाए। कई प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी गुस्सा जाहिर किया और बदला लेने की मांग की। इस पूरे कार्यक्रम को ईरान अपनी ताकत और एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर भी पेश कर रहा है।
ट्रंप के खिलाफ नारों पर भी प्रतिक्रिया
इज़रायली रक्षा मंत्री ने अंतिम संस्कार में लगे बदले वाले नारों को शर्मनाक बताया। उनका कहना था कि इस तरह की बातें ईरान के शासन की सोच और उसकी नीति को दुनिया के सामने दिखाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अब भी टकराव का रास्ता छोड़ने के बजाय उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
इज़रायल बोला- खतरा कम हुआ, लेकिन सतर्कता जारी
काट्ज़ ने कहा कि अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई के बाद इज़रायल पर मंडरा रहा तत्काल बड़ा खतरा काफी हद तक कम हुआ है। उनका दावा है कि इस अभियान में ईरान की कई रणनीतिक क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इज़रायल किसी भी नए खतरे के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर अकेले भी कार्रवाई करने में सक्षम है।
चार महीने पहले मारे गए थे खामेनेई
अली खामेनेई की मौत इसी साल अट्ठाईस फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। इसके बाद ईरान में कई महीनों तक राष्ट्रीय शोक का माहौल रहा। अब जुलाई में उनका राजकीय अंतिम संस्कार आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान आए इन बयानों ने साफ कर दिया है कि ईरान और इज़रायल के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। एक ओर ईरान अपने समर्थकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इज़रायल लगातार यह संदेश दे रहा है कि उसकी सुरक्षा के खिलाफ किसी भी कदम का जवाब सख्ती से दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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