ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन इसका असर अब भी पाकिस्तान और वहां सक्रिय आतंकी संगठनों पर साफ दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान एक तरफ पानी की कमी से परेशान है तो दूसरी तरफ बड़े आतंकी संगठन अब भी अपने नेटवर्क को संभालने में जुटे हैं।
आतंकी संगठनों पर अब भी दबाव
बताया जा रहा है कि लश्कर और जैश जैसे संगठनों के कई बड़े ठिकाने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी तरह तबाह कर दिए गए थे। इसके बाद से इन संगठनों की गतिविधियों में भारी गिरावट देखने को मिली है।
हाफिज सईद और मसूद अजहर अब भी गायब
लश्कर के सरगना Hafiz Saeed और जैश प्रमुख Masood Azhar पिछले एक साल से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दोनों अब भी अंडरग्राउंड रहकर अपनी सुरक्षा में लगे हुए हैं।
भारतीय सेना ने कई ठिकाने किए थे ध्वस्त
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने लश्कर, जैश और हिजबुल के कई ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों के बाद आतंकी संगठनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बताया जाता है कि कई ट्रेनिंग सेंटर और छिपने के अड्डे पूरी तरह नष्ट हो गए थे।
नए नेटवर्क खड़े करने में जुटे आतंकी संगठन
हमलों के बाद लश्कर और जैश ने अपने नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने की कोशिश शुरू की, लेकिन अब तक उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है। कई कमांडरों की लगातार हो रही हत्याओं ने भी इन संगठनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बड़े कमांडरों की लगातार हो रही हत्या
हाल के महीनों में कई बड़े आतंकी कमांडर अज्ञात हमलावरों के निशाने पर रहे हैं। लश्कर से जुड़े कई अहम चेहरों की हत्या की खबरें सामने आई हैं, जिससे आतंकी संगठनों के भीतर डर और अस्थिरता बढ़ी है।
आर्थिक संकट से भी जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब बनी हुई है। एयरस्पेस बंद होने और सुरक्षा खर्च बढ़ने के कारण वहां की सरकार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान सेवाओं पर असर पड़ने से पाकिस्तान को हर महीने भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
पानी की कमी ने बढ़ाई चिंता
सिंधु नदी के जल प्रवाह को लेकर भी पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। वहां के कई इलाकों में पानी की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। खेती और पेयजल व्यवस्था पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद की कोशिश
पानी और आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान कई देशों और अंतरराष्ट्रीय मंचों से मदद की अपील कर चुका है। हालांकि अब तक उसे बड़ी राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है।
सऊदी अरब से मदद लेने की कोशिश
आर्थिक संकट को कम करने के लिए पाकिस्तान ने विदेशी सहयोग बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। खबरों के मुताबिक, सऊदी अरब के साथ रक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत तेज हुई है।

