By Malay Ojha | Published: 04 October 2026 at 06:01 AM
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ अखंड ज्योत जलाने की भी परंपरा है। कई घरों में घटस्थापना के समय दीपक जलाया जाता है, जिसे नवरात्रि के दौरान लगातार जलाए रखने की कोशिश की जाती है। अगर आप भी इस साल अखंड ज्योत जलाने की तैयारी कर रहे हैं तो दीपक की जगह, तेल या घी और उसकी सुरक्षा से जुड़े कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और 19 अक्टूबर को महानवमी के साथ इसका समापन होगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। कई श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने के साथ घर में अखंड ज्योत भी जलाते हैं।
क्या होती है अखंड ज्योत?
अखंड ज्योत ऐसी ज्योत को कहा जाता है, जिसे पूजा के संकल्प के अनुसार लगातार जलाए रखने की परंपरा है। आम तौर पर इसे घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा या कलश के पास जलाया जाता है। धार्मिक मान्यता में दीपक को प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है।
घी या तेल, किससे जलाएं दीपक?
अखंड ज्योत के लिए घी और तेल दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में किया जाता है। कहीं घी का दीपक जलाने की परंपरा है तो कहीं तेल का। इसलिए इसके लिए कोई एक नियम सभी पर लागू नहीं होता। श्रद्धालु अपने परिवार की पूजा पद्धति और स्थानीय परंपरा के अनुसार घी या तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अखंड ज्योत बुझ जाए तो घबराएं नहीं
नवरात्रि के दौरान अगर अखंड ज्योत बुझ जाए तो कई लोग इसे लेकर चिंतित हो जाते हैं। धार्मिक परंपराओं में इस स्थिति को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। ऐसे में घबराने के बजाय पूजा स्थल को व्यवस्थित करके अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार दीपक दोबारा जलाया जा सकता है। इसे लेकर किसी तरह की अफवाह या डर पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
दीपक कहां रखें?
अखंड ज्योत हमेशा ऐसी जगह रखनी चाहिए जहां उसके गिरने या आसपास रखी चीजों में आग लगने का खतरा न हो। दीपक के आसपास कपड़े, कागज, पर्दे या दूसरी ज्वलनशील वस्तुएं नहीं होनी चाहिए। दीपक को स्थिर और मजबूत आधार पर रखना बेहतर होता है।
ज्योत जलाते समय सुरक्षा भी जरूरी
नौ दिनों तक लगातार दीपक जलाने की स्थिति में उसकी नियमित निगरानी जरूरी है। घी या तेल डालते समय दीपक को संभालकर रखें और बच्चों तथा पालतू जानवरों को पूजा स्थल से दूर रखें। घर से बाहर जाते समय अखंड ज्योत को बिना निगरानी के छोड़ना सुरक्षित नहीं है। धार्मिक आस्था के साथ आग से जुड़ी सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
नवरात्रि में अखंड ज्योत का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपक अंधकार पर प्रकाश और नकारात्मकता पर सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि में अखंड ज्योत जलाकर श्रद्धालु मां दुर्गा के प्रति अपनी भक्ति और आस्था व्यक्त करते हैं। हालांकि अखंड ज्योत जलाना जरूरी धार्मिक नियम नहीं है; यह श्रद्धालुओं की आस्था और पारिवारिक परंपरा से जुड़ी पूजा पद्धति है।
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