By Malay Ojha | Published: 15 October 2026 at 02:13 PM
पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक निजी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में कम से कम 27 बच्चों और एक महिला शिक्षिका की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ बच्चों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। शुरुआती जांच में इमारत का ढांचा कमजोर होने की बात सामने आई है।
कमजोर इमारत की छत गिरने से हुआ हादसा
यह हादसा पेशावर के अल खैर एजुकेशन सेंटर नाम के निजी स्कूल में हुआ। घटना के समय बच्चे अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, ऊपर की मंजिल की छत गिरने के बाद नीचे की मंजिलें भी इसकी चपेट में आ गईं। इससे कई छात्र मलबे के नीचे दब गए।
अस्पताल में इमरजेंसी, कई घायल गंभीर
घायलों को पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल समेत दूसरे अस्पतालों में पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के इलाज के लिए इमरजेंसी घोषित की। शुरुआती रिपोर्टों में कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। राहतकर्मी मलबे में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
पुलिस ने स्कूल की इमारत को बताया कमजोर
पेशावर के पुलिस प्रमुख मियां सईद के मुताबिक, स्कूल की इमारत का ढांचा कमजोर था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कमजोर ढांचे पर ऊपर की छत का अतिरिक्त भार पड़ने से यह हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना की असली वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बच्चों को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे स्थानीय लोग
हादसे की खबर मिलते ही बचाव दल के साथ स्थानीय लोग भी मदद के लिए पहुंच गए। एक अभिभावक समीउल्लाह ने बताया कि वह सूचना मिलने के करीब 10 मिनट के भीतर स्कूल पहुंच गए थे। उन्होंने मलबे से तीन छोटी बच्चियों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके छह बच्चे पढ़ते हैं। उनका बेटा हादसे के समय पानी पीने के लिए कक्षा से बाहर गया था, जिससे उसकी जान बच गई।
राज्यपाल ने मांगी हादसे की रिपोर्ट
खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने बच्चों की मौत पर दुख जताया और अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने हादसे की वजह का पता लगाने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
पाकिस्तान में इमारतों और स्कूलों की छतें गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को ऐसी घटनाओं की प्रमुख वजहों में गिना जाता है। जुलाई में उमरकोट के पास एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की बाहरी दीवार गिरने से तीन बच्चियों की मौत हो गई थी। लाहौर में भी निर्माणाधीन निजी स्कूल की छत गिरने से बच्चों की जान गई थी। पेशावर की घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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