By Malay Ojha | Published: 26 September 2026 at 09:29 AM
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने कड़ा जवाब दिया है। भारत ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इस मुद्दे पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं होगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, धोखे और दोहरे रवैये की नीति से पाकिस्तान को न तो कोई फायदा होगा और न ही इससे दुनिया के सामने उसकी स्थिति बेहतर होगी।
‘कश्मीर पर भारत का रुख साफ’
गहलोत ने कहा कि अगर पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की चर्चा करता है तो भारत भी पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों की स्थिति का मुद्दा उठा सकता है। उन्होंने वहां लंबे समय से जारी हिंसा, मनमानी हत्याओं और बुनियादी अधिकारों से जुड़े सवालों का जिक्र किया।
ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र
भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए ओसामा बिन लादेन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन का पाकिस्तान में सैन्य अकादमी के पास रहना इस पूरे संदर्भ को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
लोकतंत्र और मानवाधिकार पर भी हमला
गहलोत ने पाकिस्तान के लोकतांत्रिक रिकॉर्ड और मानवाधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसे शासन की ओर से लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर उपदेश सुने हैं, जिस पर खुद उसके राजनीतिक और लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
‘फैसले कौन करता है, यह सभी जानते हैं’
भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान में सेना की भूमिका को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकारें और राजनीतिक चेहरे बदल सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान में असली फैसले कौन लेता है, इसे लेकर भ्रम नहीं होना चाहिए।
‘फॉर्म 47 सरकार’ का जिक्र
गहलोत ने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना साधते हुए ‘फॉर्म 47 सरकार’ शब्द का इस्तेमाल किया। यह शब्द पाकिस्तान में विपक्ष की ओर से शहबाज शरीफ सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। विपक्षी दल 2024 के चुनाव नतीजों में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे हैं।
शाहबाज शरीफ ने UN में क्या कहा था?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार के समर्थन में अपना राजनयिक, राजनीतिक और नैतिक समर्थन जारी रखेगा।
भारत-पाकिस्तान के बीच फिर आमने-सामने बयान
81वें UNGA सत्र में कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाया, जबकि भारत ने उसके दावों को खारिज करते हुए आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का मुद्दा सामने रखा। संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 8 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है और इसकी सामान्य बहस 22 से 26 सितंबर तक निर्धारित है।
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