By Malay Ojha | Published: 14 October 2026 at 09:46 AM
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसी मामले में पार्टी के तीसरे सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज मामले के सिलसिले में हुई है।
तीनों को बुधवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मामले में CJP की ओर से पेश वकील अभिष्ट हेला ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, पुलिस ने आशंका के आधार पर तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि उन्होंने किसी को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया था और न ही बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया।
वकील ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल
वकील अभिष्ट हेला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोर्ट में गलत तथ्य रखे। उन्होंने यह भी कहा कि कनॉट प्लेस से जुड़ी एक अलग शिकायत का इस्तेमाल इस मामले में किया गया। बचाव पक्ष ने हिरासत की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि तीनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस के दावों पर सवाल हैं।
X पर पोस्ट कर कार्रवाई का विरोध
CJP से जुड़े दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में भेजे जाने की जानकारी दी। पोस्ट में दावा किया गया कि दोनों को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ा। पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया गया।
CJP की लीगल हेड ने दी थी पेशी की जानकारी
इससे पहले बुधवार सुबह CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था कि तीनों सदस्यों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है। संगठन ने आशंका जताई थी कि पेशी के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है। इसके बाद न्यायिक हिरासत का फैसला सामने आया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने से जुड़ा है। CJP की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। संगठन ने अतिक्रमण, बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोपों का भी जिक्र किया है।
हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों और बचाव पक्ष के दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पांच दिन की न्यायिक हिरासत का फैसला इस मामले में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
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