By Malay Ojha | Published: 17 October 2026 at 11:25 PM
कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिरने के बाद मची भगदड़ में 17 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद सामने आए चश्मदीदों के बयानों ने आयोजन स्थल पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि भगदड़ के दौरान लोग जमीन पर गिरते रहे और भीड़ उनके ऊपर से गुजरती रही।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की मौजूदगी के बावजूद घायलों को समय पर मदद नहीं मिली। एंबुलेंस और आपातकालीन इंतजामों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हादसे के बाद पूजा मंडप को बंद कर दिया गया है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
जमीन पर गिरते रहे लोग, भीड़ के बीच मची अफरा-तफरी
एक चश्मदीद के मुताबिक, उसने पंडाल का हिस्सा गिरने की आवाज सुनी। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। हर कोई सुरक्षित जगह की ओर भागने लगा। इसी दौरान कई लोग गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भगदड़ में गिरे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दूसरे लोग उनके ऊपर से गुजरते रहे।
प्रत्यक्षदर्शी ने कहा- मेरे सामने गिरे पांच लोग
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि हादसे के दौरान उसकी आंखों के सामने पांच लोग गिर पड़े। पंडाल का हिस्सा गिरने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। इससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त सुरक्षा और आपातकालीन इंतजाम होने चाहिए थे।
पुलिस और स्वयंसेवकों की मौजूदगी पर उठे सवाल
एक अन्य चश्मदीद ने दावा किया कि घटनास्थल पर हजारों स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन घायलों की मदद के लिए लोग आगे नहीं आए। उसके अनुसार, पुलिस की एक गाड़ी भी घटनास्थल के पास खड़ी थी। इसके बावजूद स्थानीय लोगों को खुद घायलों की मदद करनी पड़ी। चश्मदीद ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के वक्त पूजा समिति का कोई सदस्य मौके पर दिखाई नहीं दिया।
एंबुलेंस नहीं होने का भी आरोप
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने एंबुलेंस की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के बावजूद मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। लोगों का कहना है कि समय पर चिकित्सा सहायता और भीड़ को नियंत्रित करने के पुख्ता इंतजाम होते तो हालात को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे, घायलों का लिया जायजा
हादसे की जानकारी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों के इलाज और उनकी स्थिति की जानकारी ली। घायलों को अस्पताल पहुंचाने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अफरा-तफरी के बीच कुछ लोगों को मोटरसाइकिल से भी अस्पताल ले जाया गया।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हादसे के बाद चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा मंडप में आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।
राष्ट्रपति, पीएम और गृह मंत्री ने जताया दुख
कोलकाता हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहा है।
हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
चोरबागान पंडाल में हुई इस घटना के बाद भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के आरोपों की जांच और हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि अहम होगी। फिलहाल, इस घटना ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षित प्रवेश-निकास और समय पर चिकित्सा सहायता की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
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