By Malay Ojha | Published: 16 October 2026 at 12:16 PM
चुनाव आयोग की निष्पक्षता और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। लखनऊ स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव सुधार के बजाय देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के नाम पर युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के बजाय राजनीतिक टकराव की ओर मोड़ा जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता बदलने की बातें की जा रही हैं। उनके मुताबिक, ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे को लेकर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोप पर पलटवार
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस कथित ‘हाइड्रोजन बम’ की बात कही थी, वह दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए पार्टी पर निशाना साधा और पूछा कि विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह वोट चोरी की बात कर रहा है या अपनी राजनीतिक कमियों की।
कांग्रेस पर तीन पुराने मामलों को लेकर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर तीन ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने 1975 में आपातकाल लगाए जाने, 1984 में सिख विरोधी हिंसा और 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के जरिए कांग्रेस ने लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर कही यह बात
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाना या संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों से अपनी राजनीतिक रणनीति पर आत्ममंथन करने की बात कही।
राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव स्थगित करने का मुद्दा उठाया
रक्षा मंत्री ने राजीव गांधी की हत्या के बाद हुए चुनावी घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले किसी उम्मीदवार की मृत्यु होने पर संबंधित सीट का चुनाव स्थगित करने की व्यवस्था थी, लेकिन एक सीट के कारण पूरे चुनाव को रोकने का कोई नियम नहीं था। उन्होंने सवाल उठाया कि राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे देश में चुनाव स्थगित किए जाने के फैसले को आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले लोग किस नजरिए से देखते हैं।
बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस
लखनऊ में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। चुनाव आयोग की भूमिका, वोट चोरी के आरोपों और सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयानों को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होती दिखाई दी।
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