By Malay Ojha | Published: 11 June 2026 at 02:42 PM
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान चर्चा का विषय बन गया है। गोंडा में अपने पैतृक गांव विष्णोहरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दानपात्र से जुड़े कथित विवाद पर सीधे जवाब देने से परहेज किया, लेकिन ऐसा संकेत जरूर दे दिया जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय विवादों पर प्रतिक्रिया मांगने पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यदि वह इस मामले में पूरी सच्चाई बता देंगे तो उनके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ बेहद प्रभावशाली लोग जुड़े हुए हैं और फिलहाल वह खुलकर कुछ नहीं कहना चाहते। उनके इस बयान के बाद दानपात्र विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।
पेपर लीक पर विपक्ष को दिया जवाब
देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर हमलावर है। इसी मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में बृजभूषण सिंह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि केवल मंत्री के इस्तीफे से समस्या खत्म नहीं होगी। उनके मुताबिक प्रश्नपत्र लीक के पीछे अधिकारियों और कर्मचारियों का एक संगठित तंत्र काम करता है, जिसे खत्म करना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोई भी मंत्री हर परीक्षा केंद्र पर जाकर निगरानी नहीं कर सकता।
पहली बार बड़े अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
पूर्व सांसद ने कहा कि इस पूरे मामले में उन्हें सबसे सकारात्मक बात यह लगी कि पहली बार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उनका मानना है कि सरकार इस समस्या की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस सरकार ने कई जटिल राष्ट्रीय चुनौतियों का सामना किया है, वह पेपर लीक जैसे संगठित नेटवर्क को भी खत्म करने में सक्षम है।
पहलवान आंदोलन पर कसा तंज
काफी समय से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में दिखाई नहीं देने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी बृजभूषण सिंह ने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने वर्ष 2023 में हुए महिला पहलवानों के आंदोलन की ओर इशारा करते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा पैदा किए गए विवाद को सुलझाने में उनका काफी समय गया।
हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा सीधे उस विवाद की ओर माना जा रहा है जिसने लंबे समय तक देश की राजनीति और खेल जगत में सुर्खियां बटोरी थीं।
पश्चिम बंगाल को लेकर गृह मंत्री की तारीफ
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए बृजभूषण सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वहां राजनीतिक परिस्थितियों में जो बदलाव देखने को मिल रहा है, वह संगठन की मेहनत का परिणाम है।
उनके अनुसार राज्य में लगातार हो रहे राजनीतिक बदलाव इस बात का संकेत हैं कि जनता और कई नेता पुरानी व्यवस्था से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में संगठन को मजबूत करना आसान काम नहीं होता।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा कि उनकी राजनीति और बयानबाजी का फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलता है। उन्होंने दावा किया कि जब तक विपक्ष इसी रणनीति पर चलता रहेगा, तब तक सत्तारूढ़ दल के सामने कोई बड़ी चुनौती खड़ी नहीं होगी।
पूर्व सांसद ने कहा कि विपक्ष को सरकार पर हमला करने से पहले जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर रणनीति बनानी चाहिए, तभी वह प्रभावी राजनीतिक मुकाबला कर पाएगा।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
राम मंदिर दानपात्र विवाद पर बृजभूषण सिंह के बयान ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “सच बोलने पर परेशानी होने” वाली टिप्पणी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में वह इस विषय पर और कोई खुलासा करते हैं या नहीं।

