By Malay Ojha | Published: 27 July 2026 at 10:30 AM
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ छात्र प्रदर्शन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन 20 जुलाई की घटना को लेकर विवाद अभी थमा नहीं है। संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाए जाने की बात सामने आने के बाद मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सवाल किया है कि क्या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन समेत बल प्रयोग की मंजूरी सरकार की ओर से दी गई थी।
पैलेट गन फायरिंग की जांच जारी, जवानों की भूमिका पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों द्वारा कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना में तीन लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पैलेट गन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में हुआ और फायरिंग किसके आदेश पर की गई, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक जीपी सिंह के मुताबिक, पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि उस समय हालात क्या थे और क्या बल के जवानों ने तय मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया था। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद अगले एक-दो दिनों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की ओर से इस मामले में आधिकारिक जानकारी दी जा सकती है।
राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र लिखकर मांगा जवाब
इस मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ पैलेट गन समेत अन्य बल प्रयोग की मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग की जरूरत क्यों पड़ी और इस कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है। कांग्रेस नेता लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और केंद्र सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांग रहे हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन खत्म, लेकिन पैलेट गन का विवाद बरकरार
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है, लेकिन 20 जुलाई की कार्रवाई को लेकर सियासी बहस जारी है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद में भी उठाने की तैयारी में है। कांग्रेस की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर किए गए बल प्रयोग को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।
अब सबकी नजर जांच के नतीजे पर है। अगर जांच में पैलेट गन के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो यह सवाल भी अहम होगा कि इसका आदेश किस स्तर पर दिया गया और क्या कार्रवाई के दौरान तय नियमों का पालन किया गया था।
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