By Malay Ojha | Published: 14 September 2026 at 01:46 PM
पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर इनाम की रकम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी है। उसका नाम पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की 2026 की ‘रेड बुक’ में शामिल है। इसी सूची में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 17 फरार आतंकियों के नाम भी हैं। FIA ने इसे अपनी मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची के तौर पर जारी किया है।
इनाम बढ़ा, लेकिन सवाल पुराने ही
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अक्टूबर के आखिर में FATF की प्लेनरी बैठक पेरिस में होने वाली है। बैठक 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। हालांकि, यह साफ करना जरूरी है कि पाकिस्तान अब FATF की ग्रे लिस्ट में नहीं है। FATF ने अक्टूबर 2022 में पाकिस्तान को ‘इनक्रीज्ड मॉनिटरिंग’ से बाहर कर दिया था।
मसूद के पाकिस्तान में होने का दावा
भारत की सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से यह दावा करती रही हैं कि मसूद अजहर पाकिस्तान में ही सुरक्षित ठिकाने पर है। हाल की रिपोर्टों में उसके सिंध के नवाबशाह इलाके में छिपे होने की बात सामने आई है। हालांकि, उसके मौजूदा ठिकाने की स्वतंत्र रूप से पुष्टि सार्वजनिक तौर पर नहीं हुई है। दूसरी तरफ पाकिस्तान का रुख रहा है कि मसूद अजहर देश से गायब है और अफगानिस्तान में हो सकता है।
2021 में भी जारी हुई थी ऐसी सूची
पाकिस्तान की ओर से मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई दिखाने का मामला नया नहीं है। 2021 के दौरान भी FIA की सूची में उसका नाम और इनाम का प्रावधान सामने आया था। अब करीब पांच साल बाद इनाम की रकम बढ़ाए जाने को लेकर पाकिस्तान की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
26/11 के 17 नाम फिर सामने
FIA की नई सूची में मुंबई हमले से जुड़े उन लोगों के नाम भी हैं, जिन पर आतंकियों को समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचाने, नाव उपलब्ध कराने या हमले के लिए पैसे और तकनीकी मदद देने के आरोप हैं। इनमें अल-हुसैनी और अल-फौज नाम की नौकाओं के इस्तेमाल से जुड़े लोग भी शामिल हैं। 26/11 हमले में समुद्री रास्ते की भूमिका को लेकर ये नाम पहले भी पाकिस्तानी दस्तावेजों में सामने आ चुके हैं।
कुछ नाम वही, लेकिन तस्वीर और जानकारी गायब
नई सूची में मोहम्मद खान का नाम मौजूद है, जिसे मुंबई हमले के लिए इस्तेमाल हुई ‘अल-हुसैनी’ नाव उपलब्ध कराने से जोड़ा जाता है। लेकिन उसके साथ पहले दी गई तस्वीर, लश्कर-ए-तैयबा से संबंध और भूमिका की विस्तृत जानकारी हटाई गई है। इसी तरह बहावलनगर के अब्दुल रहमान के मामले में भी तस्वीर और संगठन से जुड़ी जानकारी हटाए जाने की बात सामने आई है।
हमले के लिए पैसे देने वालों के नाम भी
सूची में ऐसे लोगों के नाम भी हैं जिन पर 26/11 की साजिश के लिए आर्थिक मदद देने का आरोप है। इनमें मोहम्मद इफ्तिखार अली, मोहम्मद जिया, मोहम्मद अब्बास नासिर, जावेद इकबाल, मुख्तार अहमद और अहमद सईद के नाम बताए गए हैं। इनमें कुछ पर आतंकियों के लिए VOIP कनेक्शन और दूसरे खर्चों की व्यवस्था करने का आरोप था। ऐसे नाम पहले भी पाकिस्तान की वांटेड सूची में दर्ज रहे हैं।
मोस्ट वांटेड आतंकियों की संख्या बढ़ी
FIA की मौजूदा रेड बुक को लेकर एक और आंकड़ा चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। FIA की वेबसाइट पर 2026 की ‘Red Book of Most Wanted High Profile Terrorists’ उपलब्ध है।
पाकिस्तान की कार्रवाई पर उठते सवाल
मसूद अजहर जैसे भारत में वांटेड आतंकी के खिलाफ इनाम घोषित करना कागज पर कार्रवाई जरूर दिखाता है, लेकिन असली सवाल गिरफ्तारी का है। भारत उसे जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख और आतंकवाद से जुड़ा व्यक्ति मानता है। भारत सरकार ने 2019 में उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था।
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