By Malay Ojha | Published: 02 September 2026 at 08:57 AM
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सीधा सैन्य टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। जॉर्डन का कहना है कि उसके एयर डिफेंस ने 13 में से 10 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया, जबकि तीन दूरदराज के इलाकों में गिरीं।
जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने को बनाया निशाना
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने जॉर्डन के अकाबा इलाके में मौजूद अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाया। ईरानी पक्ष ने हमले में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा भी किया है, लेकिन अमेरिका ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जॉर्डन में ईरानी हमलों से अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबर नहीं है।
बहरीन और कुवैत तक पहुंची जंग
ईरानी मीडिया ने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले का दावा किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। कुवैत ने भी कहा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी ड्रोन हमलों का मुकाबला किया। इस तरह ताजा टकराव का असर अब ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रह गया है।
शादी समारोह वाले घर पर अमेरिकी हमला
इस बीच ईरान ने अमेरिका पर नागरिक इलाके को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के होर्मोजगन प्रांत के कुहेस्तक में एक घर पर अमेरिकी हमले का मलबा गिरा, जहां शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इस घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
अमेरिका ने क्यों किया हमला?
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान में IRGC से जुड़े कई ठिकानों पर नए हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, कार्रवाई ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिशों के जवाब में की गई। ([India Today][5])
होर्मुज बना सबसे बड़ा तनाव का केंद्र
अमेरिकी हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से आगे कोई हमला हुआ तो अमेरिका और कड़ा जवाब देगा। इस बीच होर्मुज में तनाव बढ़ने से तेल और समुद्री कारोबार पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान ने कहा- जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी
अमेरिकी हमलों के बाद IRGC ने इसे अपने शब्दों में हमलावरों को पछताने वाला जवाब बताया है। ईरानी सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए अमेरिका से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, ईरानी दावों में बताए गए नुकसान और अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खाड़ी में बढ़ा बड़े युद्ध का खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब दोनों देशों के बीच कुछ समय की शांति के बाद फिर सैन्य तनाव बढ़ा है। जॉर्डन, बहरीन और कुवैत तक हमलों की खबरें पहुंचने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों देशों की अगली कार्रवाई कितनी दूर तक जाती है और क्या यह टकराव पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध में धकेल देगा।
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