By Malay Ojha | Published: 02 September 2026 at 09:37 PM
बिहार अगले पांच वर्षों में अपने बिजली क्षेत्र को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है। राज्य ने बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और रखरखाव के लिए कुल 1,38,541 करोड़ रुपये के निवेश की योजना सामने रखी है। यह प्रस्ताव भारत इलेक्ट्रिसिटी-2026 के बिहार फोकस स्टेट सेशन में उद्योग जगत के सामने रखा गया।
प्रस्तावित निवेश में बिजली उत्पादन के लिए 82,679 करोड़ रुपये, ट्रांसमिशन के लिए 24,683 करोड़, वितरण के लिए 28,809 करोड़ और रखरखाव के लिए 2,370 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सरकार का जोर बढ़ती बिजली मांग के साथ उत्पादन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
2030 तक 24 GW रिन्यूएबल एनर्जी
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने निवेशकों से बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सौर ऊर्जा, रूफटॉप सोलर, बैटरी स्टोरेज, थर्मल पावर, पंप्ड स्टोरेज और न्यूक्लियर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए तैयार है।
बिजली की मांग लगातार बढ़ी
राज्य में बिजली की अधिकतम मांग वित्तीय वर्ष 2022 में 6,627 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 9,475 मेगावाट तक पहुंच गई है। अनुमान है कि 2030 तक यह मांग करीब 11,747 मेगावाट हो सकती है। इसे देखते हुए उत्पादन के साथ ट्रांसमिशन, वितरण और स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
पीरपैंती और नबीनगर पर बड़ा फोकस
बिजली क्षेत्र की प्रमुख योजनाओं में 2,400 मेगावाट की पीरपैंती थर्मल पावर परियोजना और 1,440 मेगावाट नबीनगर टीपीपी स्टेज-II शामिल हैं। इसके अलावा कजरा सोलर परियोजना, बैटरी स्टोरेज, सोलर पार्क, रूफटॉप सोलर और इंट्रा-स्टेट ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
कंपनियों का घाटा बदला मुनाफे में
ऊर्जा सचिव एवं BSPHCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने बताया कि राज्य की बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। वित्तीय वर्ष 2022 में जहां 2,218 करोड़ रुपये का घाटा था, वहीं वित्तीय वर्ष 2026 में 2,375 करोड़ रुपये का अस्थायी लाभ दर्ज किया गया। AT&C लॉस भी 29.27 प्रतिशत से घटकर 11.54 प्रतिशत रह गया है।
94 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर
बिहार में अब तक 94 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। सरकार के मुताबिक इससे बिजली कंपनियों की राजस्व व्यवस्था और डिजिटल संचालन को मजबूती मिली है। वहीं Renewable Energy Policy-2025 के तहत 2030 तक करीब 24 GW नवीकरणीय ऊर्जा और 6 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पंप्ड स्टोरेज में भी निवेश
राज्य में करीब 2,400 मेगावाट क्षमता की पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए एमओयू हो चुके हैं। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन, रूफटॉप सोलर और सोलर-प्लस-स्टोरेज परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
निवेशकों को उद्योग नीति का भरोसा
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिहार में बढ़ता बाजार, युवा कार्यबल और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी निवेश के लिए मजबूत आधार हैं। सरकार ने निजी निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 भी तैयार किया है। इसके तहत विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने की योजना है।
निवेशकों से बिहार आने की अपील
शैलेश कुमार ने उद्योग जगत से बिहार में निवेश करने और ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाएं शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य निवेश, नई तकनीक और मजबूत साझेदारी के जरिए आगे बढ़ने के लिए तैयार है। सरकार का लक्ष्य ऊर्जा की बढ़ती जरूरत पूरी करने के साथ बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे ले जाना है।
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