By Malay Ojha | Published: 28 August 2026 at 06:21 PM
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन के तिब्बत क्षेत्र में मौजूद करीब 400 भारतीय सुरक्षित हैं और भारत राहत सामग्री के साथ रेस्क्यू व मेडिकल टीम भेजने की तैयारी कर रहा है।
नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक तिब्बत में 400 भारतीय सुरक्षित हैं। भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने के साथ रेस्क्यू और मेडिकल टीम भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन के तिब्बत क्षेत्र में मौजूद करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। भारतीय दूतावास लगातार उनके संपर्क में है और कई लोगों ने हेल्पलाइन के जरिए अपने परिवारों से भी बात की है। दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
96 भारतीय सड़क मार्ग से नेपाल पहुंचे
जायसवाल के मुताबिक चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुंचे तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिक शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गए। त्रिशूली वन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीयों को भी पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है।
320 भारतीयों से संपर्क की कोशिश जारी
विदेश मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल 320 भारतीय ऐसे हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है या जिन्हें लापता माना जा रहा है। इसके अलावा भारतीय मूल के करीब 100 अन्य लोग भी संपर्क से बाहर हैं। मंत्रालय के मुताबिक इनमें कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे, लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है।
24 घंटे काम कर रहा कंट्रोल रूम
विदेश मंत्रालय का कंट्रोल रूम लगातार 24 घंटे काम कर रहा है। नेपाल और चीन में भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। सरकार का फोकस प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित निकालने और उनके परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने पर है।
नेपाल को भेजी जा रही राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में मानवीय मदद भी तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 26 अगस्त की शाम पहला विमान करीब 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ था। इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं। इसके बाद 27 अगस्त को दूसरा विमान करीब 37.5 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल भेजा गया। इसमें टेंट, कंबल, पानी निकालने वाले पंप, जनरेटर, किचन सेट, दवाएं और खाने-पीने का सामान शामिल है।
रेस्क्यू टीम और मेडिकल मदद भी भेजेगा भारत
नेपाल के अनुरोध पर भारत विशेष रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। पहले एक टीम प्रभावित इलाके में जाकर हालात का जायजा लेगी और जरूरत के मुताबिक उपकरण तय करेगी। इसके साथ मेडिकल टीम भेजने की भी तैयारी है। भारत ने प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था जल्द बहाल करने के लिए बेली ब्रिज और तकनीकी टीम देने का प्रस्ताव भी रखा है।
बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। भारत समेत कई देशों के नागरिक प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और अलग-अलग एजेंसियां लगातार उनकी तलाश और सुरक्षित निकासी में जुटी हैं।
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