By Malay Ojha | Published: 25 August 2026 at 08:52 AM
त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई बाजारों में चीनी का खुदरा भाव 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरों के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो।” उनका यह छोटा सा जवाब अब चीनी की कीमतों को लेकर चर्चा का हिस्सा बन गया है।
मामला मध्य प्रदेश के रायसेन का है। शिवराज सिंह चौहान सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर रायसेन पहुंचे थे। दिनभर कई कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वह जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में पहुंचे। बैठक खत्म होने के बाद जब वह बाहर निकल रहे थे, तभी पत्रकारों ने उनसे चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार की तरफ से इंतजाम किए जा रहे हैं और लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
कई बाजारों में 70 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
चीनी की कीमतों में तेजी का असर अलग-अलग शहरों के बाजारों में दिखाई दे रहा है। कई स्थानीय रिपोर्टों में खुदरा बाजार में चीनी का भाव 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है। बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ बाजारों में भी इस तरह की कीमतें रिपोर्ट की गई हैं। इससे त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई बनाने से लेकर हलवाई और मिठाई कारोबार तक पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
सरकारी आंकड़ों में भी बढ़ोतरी दर्ज
हालांकि पूरे देश के औसत खुदरा भाव की तस्वीर स्थानीय बाजारों से कुछ अलग है। उपभोक्ता कार्य मंत्रालय के मुताबिक 20 जुलाई 2026 को चीनी का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव 48.18 रुपये प्रति किलो था, जो 20 अगस्त को बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गया। यानी करीब एक महीने में औसत कीमत में 7.52 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
सरकार ने उठाए कई कदम
कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और बाजार में कीमतों पर दबाव कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने एक अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक देशभर के चीनी डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा तय की है। इसके अलावा एक सितंबर से थोक उपभोक्ताओं के लिए भी स्टॉक रखने की सीमा लागू करने की बात कही गई है।
जमाखोरी पर भी रखी जा रही नजर
सरकार ने चीनी की जमाखोरी और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा किए जाने की आशंका को देखते हुए मिलों में उपलब्ध स्टॉक की जांच शुरू की है। केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें चीनी मिलों में जाकर भौतिक सत्यापन कर रही हैं। सरकार का कहना है कि त्योहारों के दौरान लोगों को पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराने और कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।
घरेलू बाजार में बढ़ेगा चीनी का स्टॉक
घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने का फैसला भी किया है। सरकार की कोशिश है कि बाजार में आपूर्ति पर्याप्त बनी रहे और मांग बढ़ने के बावजूद कीमतों पर ज्यादा दबाव न आए। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की कीमतों पर इसका कितना असर पड़ता है, इस पर कारोबारियों और उपभोक्ताओं दोनों की नजर रहेगी।
चीनी की कमी नहीं, दाम घटने की उम्मीद
चीनी उद्योग के संगठन ने भी सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कमी नहीं है और आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। संगठन के मुताबिक बाजार में पर्याप्त उपलब्धता है और मौजूदा तेजी के बाद कीमतों में सुधार हो सकता है। ऐसे में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय बाजारों में 70 रुपये किलो तक पहुंची कीमतें कब नीचे आती हैं।
रायसेन दौरे में छात्रों के लिए भी बड़ा ऐलान
शिवराज सिंह चौहान के रायसेन दौरे में चीनी की कीमत के अलावा छात्रों से जुड़ी घोषणा भी चर्चा में रही। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ शुरू करने की घोषणा की। इसका मकसद छात्रों को अपने जिले में ही बेहतर तैयारी की सुविधा देना है, ताकि उन्हें महंगी निजी कोचिंग के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
मेधावी छात्रों को दिए गए लैपटॉप
रायसेन में कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप भी दिए गए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आर्थिक परेशानी किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई में रुकावट नहीं बननी चाहिए। इसी सोच के तहत अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई में मदद देने की पहल की जा रही है।
अब नजर चीनी के दाम पर
फिलहाल चीनी की कीमतों को लेकर सरकार की ओर से कदम उठाए जाने के बाद लोगों को राहत की उम्मीद है। एक तरफ स्थानीय बाजारों में 65 से 70 रुपये किलो तक के भाव सामने आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकारी आंकड़े अखिल भारतीय औसत कीमत में बढ़ोतरी दिखा रहे हैं। ऐसे में शिवराज सिंह चौहान का “चिंता मत करो” वाला बयान अब इस सवाल से जुड़ गया है कि सरकार के इंतजाम का असर आखिर आम आदमी की रसोई तक कब दिखाई देगा।
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