By Malay Ojha | Published: 25 August 2026 at 08:20 AM
कर्नाटक में ऑनलाइन धतूरा बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने का निर्देश दिया है। जांच में इन मंचों पर धतूरे के फल और बीज को इंसानी सेवन के लिए उपलब्ध कराने का मामला सामने आया था। विभाग ने संबंधित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री और विज्ञापन तुरंत हटाने के भी आदेश दिए हैं।
मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे धतूरे के फल और बीज मिले, जिन्हें अलग-अलग ऑनलाइन मंचों पर बिक्री के लिए दिखाया जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह रही कि कुछ पैकेटों पर खाद्य सुरक्षा से जुड़ा लाइसेंस या पंजीकरण नंबर भी दर्ज था। विभाग ने साफ किया कि जहरीले उत्पाद को खाद्य सामग्री के रूप में रखना, बेचना या लोगों तक पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
पैकेट पर खाद्य लाइसेंस नंबर, फिर भी बिक रहा था धतूरा
जांच में सामने आया कि धतूरे के फल और बीज वाले पैकेट पर खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण से जुड़ी जानकारी दर्ज थी। अधिकारियों ने ऐसे उत्पादों के भंडारण और बिक्री से जुड़े मामलों की भी जांच की। विभाग की चिंता इस बात को लेकर थी कि ऑनलाइन खरीदारी करने वाला कोई व्यक्ति इसे सामान्य खाद्य सामग्री समझकर खरीद सकता है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
गोदामों में मिला सामान, ऑनलाइन पहुंचाया जा रहा था
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच केवल ऑनलाइन सूची तक सीमित नहीं रही। जांच के दौरान धतूरे के फल और बीज से जुड़े पैकेट गोदामों में रखे होने की बात सामने आई। इन उत्पादों को ऑनलाइन मंचों के जरिये ग्राहकों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी पाई गई। विभाग ने इसी आधार पर बिक्री, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को गंभीर खाद्य सुरक्षा मामला माना।
कंपनियों से मांगा गया था जवाब
कार्रवाई से पहले संबंधित कंपनियों को नोटिस देकर उनका पक्ष मांगा गया था। सुनवाई के दौरान अमेजन की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया। स्विगी इंस्टामार्ट ने जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। वहीं बिगबास्केट ने बताया कि उसने धतूरे के फलों की ऑनलाइन बिक्री रोक दी है और आगे ऐसे उत्पादों पर स्पष्ट रूप से यह लिखा जाएगा कि उनका इंसानी सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विभाग
कंपनियों की ओर से दिए गए जवाबों के बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं माना। अधिकारियों का कहना था कि केवल बिक्री रोकने या पैकेट पर चेतावनी लिखने से उस मूल समस्या का समाधान नहीं होता, जिसमें किसी जहरीले पदार्थ को खाद्य सामग्री के रूप में पेश किया गया। इसी के बाद तीनों मंचों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
धतूरा क्यों बना बड़ी चिंता?
धतूरा एक जहरीला पौधा है और इसके फल तथा बीजों का गलत तरीके से सेवन गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि इसे सामान्य खाद्य सामग्री के रूप में ऑनलाइन उपलब्ध कराने से लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। खास तौर पर ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहक केवल तस्वीर और उत्पाद की जानकारी देखकर सामान मंगाते हैं, इसलिए गलत श्रेणी में किसी जहरीले पदार्थ की बिक्री गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
ऑनलाइन सूची और विज्ञापन हटाने का आदेश
विभाग ने अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट को धतूरे के फल और बीज को खाद्य पदार्थ या इंसानी सेवन के लिए पेश करने वाली सभी ऑनलाइन सूची और विज्ञापन तत्काल हटाने या रोकने का निर्देश दिया है। भविष्य में भी इन उत्पादों को खाने के लिए बेचने या वितरित करने पर रोक रहेगी। यानी मामला केवल पुराने उत्पाद हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आगे की बिक्री पर भी स्पष्ट रोक लगाई गई है।
विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं पर भी कार्रवाई
इस मामले में कार्रवाई का दायरा केवल बड़े ऑनलाइन मंचों तक नहीं रखा गया है। धतूरे के फल और बीज उपलब्ध कराने वाले संबंधित विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं के लाइसेंस तथा पंजीकरण भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ है कि विभाग अब ऐसे मामलों में केवल बिक्री के मंच को जिम्मेदार मानने के बजाय पूरी आपूर्ति श्रृंखला की जांच कर रहा है।
लाइसेंस कब बहाल होंगे?
तीनों कंपनियों के फूड लाइसेंस फिलहाल अगले आदेश तक निलंबित किए गए हैं। लाइसेंस बहाली का फैसला आगे की सुनवाई और कंपनियों की ओर से जरूरी अनुपालन रिपोर्ट जमा किए जाने के बाद किया जा सकता है। यानी अभी यह स्थायी रूप से लाइसेंस खत्म किए जाने का मामला नहीं है, बल्कि नियामक कार्रवाई के तहत अस्थायी निलंबन किया गया है।
ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए भी बड़ा सबक
यह मामला केवल तीन कंपनियों की कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इससे ऑनलाइन किराना और त्वरित सामान पहुंचाने वाली सेवाओं पर बिकने वाले उत्पादों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। ग्राहक आमतौर पर यह मानकर चलते हैं कि किसी बड़े मंच पर उपलब्ध उत्पाद जरूरी जांच से गुजरकर ही बिक्री के लिए आया होगा। ऐसे में किसी जहरीले पदार्थ का खाद्य श्रेणी में दिखाई देना व्यवस्था में गंभीर कमी की ओर इशारा करता है।
आगे और कड़ी निगरानी के संकेत
कर्नाटक की इस कार्रवाई से ऑनलाइन खाद्य कारोबार में निगरानी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत किसी ऐसे उत्पाद को खाद्य सामग्री के रूप में पेश करना, जिसका सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, गंभीर मामला है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन होने पर लागू खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगे कार्रवाई की जा सकती है।
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