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पैलेट गन मामले में राहुल गांधी के धरने के बाद FIR, साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस

By Malay Ojha | Published: 21 August 2026 at 06:51 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने के बाद पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने लोचब की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। राहुल गांधी शुक्रवार को घायल छात्र को साथ लेकर थाने पहुंचे थे और साफ कहा था कि प्राथमिकी दर्ज होने तक वह वहां से नहीं हटेंगे।

राहुल गांधी की मुख्य मांग साहिल लोचब की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच करने वाले अधिकारी का नाम बताने की थी। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी थाने में धरने पर बैठ गए। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की। ([The Times of India][2])

20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा विवाद 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों को लेकर जुटे थे। इसी दौरान साहिल लोचब को कथित तौर पर पैलेट के छर्रे लगे थे। लोचब को आंख और पेट समेत शरीर के दूसरे हिस्सों में चोटें आईं और बाद में उनका उपचार एम्स के ट्रॉमा सेंटर में कराया गया।

राहुल गांधी ने पुलिस पर उठाए सवाल
राहुल गांधी लगातार इस बात पर सवाल उठा रहे थे कि अगर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो साहिल लोचब के शरीर में छर्रे कैसे पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि लोचब की आंख में भी छर्रे मिले हैं। राहुल का कहना था कि घटना हुई है तो इसकी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि गोली या पैलेट किसने चलाए।

पहले भी पुलिस के पास दी गई थी शिकायत
कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि साहिल लोचब अपने वकीलों के साथ 14 अगस्त को पुलिस के पास गए थे और लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि उस समय प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 17 अगस्त को भी ईमेल और फोन के जरिए शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर राहुल गांधी शुक्रवार को खुद लोचब के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे।

पहले मंदिर मार्ग थाने पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी सबसे पहले साहिल लोचब के साथ मंदिर मार्ग थाने पहुंचे थे। वहां उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग रखी। इसके बाद वह संसद मार्ग स्थित पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद भी जब तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ साहिल लोचब और उनकी मां भी मौजूद थीं।

प्रियंका गांधी समेत कई नेता धरने में पहुंचे
राहुल गांधी के धरने की खबर फैलने के बाद कांग्रेस के कई नेता संसद मार्ग थाने पहुंच गए। प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी धरने में हिस्सा लिया। थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तथा सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस की स्थिति भी बनी।

राहुल बोले- प्राथमिकी के बिना नहीं हटूंगा
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मांग बहुत सीधी है। उन्होंने कहा कि साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज हो और जांच अधिकारी का नाम बताया जाए। राहुल का आरोप था कि पुलिस की ओर से उन्हें बताया गया कि ऊपर से आदेश होने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक मामला दर्ज नहीं होता, वह थाने से नहीं जाएंगे।

लोचब की चोटों को लेकर राहुल ने उठाया सवाल
राहुल गांधी ने साहिल लोचब की चोटों को इस पूरे विवाद का सबसे अहम आधार बताया। उनका कहना था कि चिकित्सा रिपोर्ट में शरीर के अंदर पैलेट होने की बात सामने आई है। राहुल ने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसके जवानों ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो फिर यह पता लगाना जरूरी है कि लोचब को ये छर्रे किसकी कार्रवाई में लगे। उनका कहना था कि इसी सवाल का जवाब जांच से सामने आना चाहिए।

अज्ञात के खिलाफ मामला, धाराएं जांच के साथ स्पष्ट होंगी
फिलहाल पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसका मतलब यह है कि प्राथमिकी में किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है। आगे की जांच में घटना से जुड़े लोगों की पहचान, पैलेट गन के इस्तेमाल और चोटों की परिस्थितियों को लेकर तथ्य जुटाए जाएंगे। किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसकी स्पष्ट जानकारी प्राथमिकी की प्रति सामने आने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।

एक महीने बाद फिर गरमाया मामला
20 जुलाई की घटना के करीब एक महीने बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है। साहिल लोचब की शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर राहुल गांधी का सीधे थाने पहुंचना और धरने पर बैठना इस मामले को लेकर कांग्रेस के दबाव को दिखाता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस कदम को राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए उनकी आलोचना की है।

भाजपा ने राहुल गांधी के धरने पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के थाने में धरने को लेकर उन पर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता पुलिस थाने के बाहर बिना पूर्व अनुमति धरने पर बैठकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि मामले की जांच पहले से चल रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि उसका सवाल केवल इतना है कि साहिल लोचब की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।

अब जांच से खुलेगा पैलेट गन का राज
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब इस मामले में जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब को लगी चोटें किन परिस्थितियों में हुईं और पैलेट के इस्तेमाल के पीछे कौन जिम्मेदार था। राहुल गांधी और कांग्रेस इसी सवाल का जवाब मांग रहे हैं। अब पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूत तय करेंगे कि इस मामले में आगे किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

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पैलेट गन मामले में राहुल गांधी के धरने के बाद FIR, साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस

By Malay Ojha | Published: 21 August 2026 at 06:51 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने के बाद पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने लोचब की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। राहुल गांधी शुक्रवार को घायल छात्र को साथ लेकर थाने पहुंचे थे और साफ कहा था कि प्राथमिकी दर्ज होने तक वह वहां से नहीं हटेंगे।

राहुल गांधी की मुख्य मांग साहिल लोचब की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच करने वाले अधिकारी का नाम बताने की थी। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी थाने में धरने पर बैठ गए। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की। ([The Times of India][2])

20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा विवाद 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों को लेकर जुटे थे। इसी दौरान साहिल लोचब को कथित तौर पर पैलेट के छर्रे लगे थे। लोचब को आंख और पेट समेत शरीर के दूसरे हिस्सों में चोटें आईं और बाद में उनका उपचार एम्स के ट्रॉमा सेंटर में कराया गया।

राहुल गांधी ने पुलिस पर उठाए सवाल
राहुल गांधी लगातार इस बात पर सवाल उठा रहे थे कि अगर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो साहिल लोचब के शरीर में छर्रे कैसे पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि लोचब की आंख में भी छर्रे मिले हैं। राहुल का कहना था कि घटना हुई है तो इसकी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और जांच के जरिए यह पता लगाया जाना चाहिए कि गोली या पैलेट किसने चलाए।

पहले भी पुलिस के पास दी गई थी शिकायत
कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि साहिल लोचब अपने वकीलों के साथ 14 अगस्त को पुलिस के पास गए थे और लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि उस समय प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 17 अगस्त को भी ईमेल और फोन के जरिए शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर राहुल गांधी शुक्रवार को खुद लोचब के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे।

पहले मंदिर मार्ग थाने पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी सबसे पहले साहिल लोचब के साथ मंदिर मार्ग थाने पहुंचे थे। वहां उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग रखी। इसके बाद वह संसद मार्ग स्थित पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद भी जब तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ साहिल लोचब और उनकी मां भी मौजूद थीं।

प्रियंका गांधी समेत कई नेता धरने में पहुंचे
राहुल गांधी के धरने की खबर फैलने के बाद कांग्रेस के कई नेता संसद मार्ग थाने पहुंच गए। प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी धरने में हिस्सा लिया। थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तथा सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस की स्थिति भी बनी।

राहुल बोले- प्राथमिकी के बिना नहीं हटूंगा
धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मांग बहुत सीधी है। उन्होंने कहा कि साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज हो और जांच अधिकारी का नाम बताया जाए। राहुल का आरोप था कि पुलिस की ओर से उन्हें बताया गया कि ऊपर से आदेश होने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक मामला दर्ज नहीं होता, वह थाने से नहीं जाएंगे।

लोचब की चोटों को लेकर राहुल ने उठाया सवाल
राहुल गांधी ने साहिल लोचब की चोटों को इस पूरे विवाद का सबसे अहम आधार बताया। उनका कहना था कि चिकित्सा रिपोर्ट में शरीर के अंदर पैलेट होने की बात सामने आई है। राहुल ने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसके जवानों ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो फिर यह पता लगाना जरूरी है कि लोचब को ये छर्रे किसकी कार्रवाई में लगे। उनका कहना था कि इसी सवाल का जवाब जांच से सामने आना चाहिए।

अज्ञात के खिलाफ मामला, धाराएं जांच के साथ स्पष्ट होंगी
फिलहाल पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसका मतलब यह है कि प्राथमिकी में किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है। आगे की जांच में घटना से जुड़े लोगों की पहचान, पैलेट गन के इस्तेमाल और चोटों की परिस्थितियों को लेकर तथ्य जुटाए जाएंगे। किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इसकी स्पष्ट जानकारी प्राथमिकी की प्रति सामने आने के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।

एक महीने बाद फिर गरमाया मामला
20 जुलाई की घटना के करीब एक महीने बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है। साहिल लोचब की शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर राहुल गांधी का सीधे थाने पहुंचना और धरने पर बैठना इस मामले को लेकर कांग्रेस के दबाव को दिखाता है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस कदम को राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए उनकी आलोचना की है।

भाजपा ने राहुल गांधी के धरने पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के थाने में धरने को लेकर उन पर हमला बोला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता पुलिस थाने के बाहर बिना पूर्व अनुमति धरने पर बैठकर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा की ओर से यह भी कहा गया कि मामले की जांच पहले से चल रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि उसका सवाल केवल इतना है कि साहिल लोचब की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।

अब जांच से खुलेगा पैलेट गन का राज
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब इस मामले में जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब को लगी चोटें किन परिस्थितियों में हुईं और पैलेट के इस्तेमाल के पीछे कौन जिम्मेदार था। राहुल गांधी और कांग्रेस इसी सवाल का जवाब मांग रहे हैं। अब पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूत तय करेंगे कि इस मामले में आगे किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

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