By Malay Ojha | Published: 14 August 2026 at 07:51 PM
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को बेहद साफ शब्दों में सामने रखा। उन्होंने कहा कि आतंकवादी और उन्हें समर्थन देने वाले लोग दुनिया में कहीं भी छिप जाएं, उन्हें अपने किए की कीमत चुकानी होगी। राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता और साहस का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस अभियान ने आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की ताकत दुनिया के सामने रखी है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश की सुरक्षा के मामले में भारत अब किसी भी तरह के आतंकवादी खतरे को नजरअंदाज करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उनके संबोधन में सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और देशहित से जुड़े मुद्दे खास तौर पर सामने आए।
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और उनकी कार्रवाई की क्षमता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए भारत ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक हमले करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित की। इससे यह संदेश गया कि देश की सुरक्षा को चुनौती देने वालों के खिलाफ भारत निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है। राष्ट्रपति के पिछले आधिकारिक संबोधन में भी ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और सेना की तैयारी का उदाहरण बताया गया था।
सिंधु जल संधि पर भी साफ रुख
राष्ट्रपति ने आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया और खास तौर पर किसानों के हित से जोड़कर देखा। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने यह संकेत दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत अपने हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।
देश की एकता से लेकर आधुनिक भारत तक
अपने संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपति ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों बाद देश की आजादी के 80वें वर्ष की शुरुआत होगी। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद सामने आई चुनौतियों को याद करते हुए कहा कि आजादी के समय देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अलग-अलग रियासतों और क्षेत्रों को एक सूत्र में जोड़ना था।
सरदार पटेल को किया याद
राष्ट्रपति ने देश के एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद किया। उन्होंने उन्हें राष्ट्रीय एकता का प्रमुख शिल्पकार बताया। राष्ट्रपति के संदेश में यह बात भी प्रमुख रही कि आज का भारत उस दौर की चुनौतियों से आगे निकलकर आधुनिक और मजबूत राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार बढ़ रहा है।
छात्रों को बताया देश का भविष्य
राष्ट्रपति मुर्मू ने देश के छात्रों और युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भारत के भविष्य के निर्माता हैं। देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसमें नई पीढ़ी की शिक्षा, प्रतिभा और सोच की बड़ी भूमिका होगी। उनके मुताबिक आधुनिक भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी आने वाले समय में और बढ़ेगी।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को बड़ी उपलब्धि बताया
राष्ट्रपति ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में हुई प्रगति को भी बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख किया। उनके अनुसार वहां विकास की रफ्तार बढ़ी है और स्थानीय संस्कृति के साथ लोगों की भागीदारी भी मजबूत हुई है। लंबे समय तक हिंसा और असुरक्षा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और सामान्य जीवन की वापसी को उन्होंने सकारात्मक बदलाव के तौर पर सामने रखा।
दुनिया की चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था मजबूत
राष्ट्रपति ने वैश्विक स्तर पर बनी अस्थिर परिस्थितियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर दुनिया की औसत विकास दर के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा रहने का अनुमान है। उनके संबोधन में यह बात देश की आर्थिक क्षमता और बदलती वैश्विक भूमिका के संदर्भ में सामने आई।
डिजिटल लेनदेन में भारत की बड़ी हिस्सेदारी
राष्ट्रपति मुर्मू ने डिजिटल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में होने वाले कुल वास्तविक समय वाले डिजिटल लेनदेन में आधे से अधिक भारत में होते हैं। यह उपलब्धि बताती है कि देश में डिजिटल भुगतान किस तेजी से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना है।
25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर
राष्ट्रपति ने पिछले दशक में हुए समावेशी विकास का जिक्र करते हुए कहा कि 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे देश के विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक विकास का लाभ समाज के ज्यादा से ज्यादा वर्गों तक पहुंचाना जरूरी है, तभी देश की आर्थिक प्रगति को व्यापक बदलाव में बदला जा सकता है।
80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन
राष्ट्रपति ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन योजना 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। यह पहल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए मुश्किल समय में सहारा बनी है। राष्ट्रपति के संबोधन में सामाजिक सुरक्षा और आम लोगों के जीवन में सुधार को विकास के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रखा गया।
सेना और पुलिस के जवानों की सराहना
राष्ट्रपति ने तीनों सेनाओं, सशस्त्र पुलिस बलों और पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में इन जवानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सीमा पर तैनात सैनिकों से लेकर देश के भीतर सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों तक, सभी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हैं।
विदेश में भारत का मान बढ़ाने वालों को भी सलाम
राष्ट्रपति ने विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों की भी सराहना की। उन्होंने वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले भारतीयों के योगदान को याद किया। इसके साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी प्रशंसा की।
स्वतंत्रता दिवस पर देश को एकजुट रहने का संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन सुरक्षा, विकास, राष्ट्रीय एकता और बदलते भारत की तस्वीर पर केंद्रित रहा। एक तरफ उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के खिलाफ भारत की क्षमता और दृढ़ता का संदेश दिया, तो दूसरी तरफ आर्थिक विकास, डिजिटल लेनदेन, गरीबी कम होने और सामाजिक सुरक्षा जैसी उपलब्धियों को सामने रखा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उनका संदेश साफ था कि मजबूत सुरक्षा के साथ मजबूत अर्थव्यवस्था और एकजुट समाज ही आधुनिक भारत की नींव तैयार करेगा।
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
WhatsApp चैनल जॉइन करें

