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सर्विक्स कैंसर से जूझ रही महिला को मिली राहत, पटना में कीमोथेरेपी और रेडिएशन से हुआ इलाज

By Malay Ojha | Published: 14 August 2026 at 08:10 PM

रोहतास जिले की 53 वर्षीय महिला ने सर्विक्स कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद राहत की सांस ली है। जांच में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की पुष्टि होने के बाद पटना के नारायणा कैंसर सेंटर में उनका उपचार शुरू किया गया। 10 मार्च 2026 से उन्हें कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी दी गई। नियमित उपचार और चिकित्सकीय निगरानी के बाद उनकी स्थिति में सुधार बताया गया है।

महिला रोहतास जिले के गुनसेज की रहने वाली हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद जब उनकी जांच कराई गई तो सर्विक्स कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों ने उन्हें पटना स्थित नारायणा कैंसर सेंटर में उपचार के लिए लाया। चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए आगे का उपचार शुरू किया।

कीमोथेरेपी और रेडिएशन से किया गया उपचार
मरीज का उपचार 10 मार्च 2026 से शुरू हुआ। इलाज के दौरान उन्हें कीमोथेरेपी के साथ रेडिएशन थेरेपी दी गई। कैंसर के इलाज में बीमारी की स्थिति, मरीज के स्वास्थ्य और चिकित्सकीय जांच के आधार पर उपचार की अलग-अलग पद्धतियां अपनाई जाती हैं। इस मामले में भी डॉक्टरों की निगरानी में उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

लगातार निगरानी से सामने आया सुधार
उपचार के दौरान मरीज की नियमित चिकित्सकीय निगरानी की गई। जरूरी जांच और फॉलो-अप के बाद उनकी स्थिति में सुधार देखा गया। इलाज पूरा होने के बाद गायत्री देवी ने राहत महसूस की है। उनके स्वास्थ्य में आए सुधार से परिवार के लोगों में भी खुशी का माहौल है।

डॉक्टर ने कहा- शुरुआती पहचान बेहद जरूरी
नारायणा कैंसर सेंटर के निदेशक और पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. अभिषेक आनंद ने कहा कि सर्विक्स कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो इसके इलाज की बेहतर संभावना रहती है। उनका कहना है कि महिलाओं को शरीर में होने वाले ऐसे बदलावों को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉ. अभिषेक आनंद के मुताबिक, महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव, सामान्य से अलग योनि स्राव, पेल्विक यानी पेट के निचले हिस्से में दर्द और यौन संबंध के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है। हर लक्षण कैंसर का संकेत हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन लगातार या असामान्य परेशानी की जांच कराना महत्वपूर्ण है।

नियमित जांच से समय पर पता चल सकती है बीमारी
सर्विक्स कैंसर के मामले में समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह की भूमिका काफी अहम मानी जाती है। कई बार शुरुआती स्तर पर बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना और चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच कराना मददगार हो सकता है। खासकर लगातार बनी रहने वाली किसी भी असामान्य परेशानी को टालना नहीं चाहिए।

इलाज के बाद परिवार को मिली राहत
महिला के उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार ने उनके परिवार की चिंता भी कम की है। कैंसर जैसी बीमारी का नाम सामने आने के बाद मरीज के साथ-साथ पूरा परिवार मानसिक दबाव से गुजरता है। ऐसे में उपचार के दौरान स्थिति में सुधार मरीज और उसके परिजनों दोनों के लिए राहत लेकर आता है।

महिलाओं के लिए डॉक्टर की जरूरी सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। असामान्य रक्तस्राव या अन्य परेशानी बार-बार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना बेहतर है। समय पर जांच से बीमारी की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है और जरूरत के अनुसार उपचार शुरू किया जा सकता है।

सर्विक्स कैंसर को लेकर जागरूकता जरूरी
सर्विक्स कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना इसलिए जरूरी है क्योंकि समय पर बीमारी की पहचान होने पर उपचार की दिशा तय करना आसान होता है। गायत्री देवी का मामला भी यही बताता है कि बीमारी की पुष्टि होने के बाद उचित चिकित्सकीय देखरेख और नियमित उपचार को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है।

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सर्विक्स कैंसर से जूझ रही महिला को मिली राहत, पटना में कीमोथेरेपी और रेडिएशन से हुआ इलाज

By Malay Ojha | Published: 14 August 2026 at 08:10 PM

रोहतास जिले की 53 वर्षीय महिला ने सर्विक्स कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद राहत की सांस ली है। जांच में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की पुष्टि होने के बाद पटना के नारायणा कैंसर सेंटर में उनका उपचार शुरू किया गया। 10 मार्च 2026 से उन्हें कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी दी गई। नियमित उपचार और चिकित्सकीय निगरानी के बाद उनकी स्थिति में सुधार बताया गया है।

महिला रोहतास जिले के गुनसेज की रहने वाली हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद जब उनकी जांच कराई गई तो सर्विक्स कैंसर की पुष्टि हुई। इसके बाद परिजनों ने उन्हें पटना स्थित नारायणा कैंसर सेंटर में उपचार के लिए लाया। चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए आगे का उपचार शुरू किया।

कीमोथेरेपी और रेडिएशन से किया गया उपचार
मरीज का उपचार 10 मार्च 2026 से शुरू हुआ। इलाज के दौरान उन्हें कीमोथेरेपी के साथ रेडिएशन थेरेपी दी गई। कैंसर के इलाज में बीमारी की स्थिति, मरीज के स्वास्थ्य और चिकित्सकीय जांच के आधार पर उपचार की अलग-अलग पद्धतियां अपनाई जाती हैं। इस मामले में भी डॉक्टरों की निगरानी में उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

लगातार निगरानी से सामने आया सुधार
उपचार के दौरान मरीज की नियमित चिकित्सकीय निगरानी की गई। जरूरी जांच और फॉलो-अप के बाद उनकी स्थिति में सुधार देखा गया। इलाज पूरा होने के बाद गायत्री देवी ने राहत महसूस की है। उनके स्वास्थ्य में आए सुधार से परिवार के लोगों में भी खुशी का माहौल है।

डॉक्टर ने कहा- शुरुआती पहचान बेहद जरूरी
नारायणा कैंसर सेंटर के निदेशक और पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ. अभिषेक आनंद ने कहा कि सर्विक्स कैंसर का समय रहते पता चल जाए तो इसके इलाज की बेहतर संभावना रहती है। उनका कहना है कि महिलाओं को शरीर में होने वाले ऐसे बदलावों को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉ. अभिषेक आनंद के मुताबिक, महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव, सामान्य से अलग योनि स्राव, पेल्विक यानी पेट के निचले हिस्से में दर्द और यौन संबंध के बाद रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें तो विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है। हर लक्षण कैंसर का संकेत हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन लगातार या असामान्य परेशानी की जांच कराना महत्वपूर्ण है।

नियमित जांच से समय पर पता चल सकती है बीमारी
सर्विक्स कैंसर के मामले में समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह की भूमिका काफी अहम मानी जाती है। कई बार शुरुआती स्तर पर बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना और चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच कराना मददगार हो सकता है। खासकर लगातार बनी रहने वाली किसी भी असामान्य परेशानी को टालना नहीं चाहिए।

इलाज के बाद परिवार को मिली राहत
महिला के उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार ने उनके परिवार की चिंता भी कम की है। कैंसर जैसी बीमारी का नाम सामने आने के बाद मरीज के साथ-साथ पूरा परिवार मानसिक दबाव से गुजरता है। ऐसे में उपचार के दौरान स्थिति में सुधार मरीज और उसके परिजनों दोनों के लिए राहत लेकर आता है।

महिलाओं के लिए डॉक्टर की जरूरी सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। असामान्य रक्तस्राव या अन्य परेशानी बार-बार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना बेहतर है। समय पर जांच से बीमारी की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है और जरूरत के अनुसार उपचार शुरू किया जा सकता है।

सर्विक्स कैंसर को लेकर जागरूकता जरूरी
सर्विक्स कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना इसलिए जरूरी है क्योंकि समय पर बीमारी की पहचान होने पर उपचार की दिशा तय करना आसान होता है। गायत्री देवी का मामला भी यही बताता है कि बीमारी की पुष्टि होने के बाद उचित चिकित्सकीय देखरेख और नियमित उपचार को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है।

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