By Malay Ojha | Published: 13 August 2026 at 05:23 PM
महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुद्वारा माता साहिब कौर के पास हमला कर दिया गया। परिवार के साथ गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे बादल पर एक निहंग सिख ने धारदार हथियार से वार करने की कोशिश की। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव किया। इस दौरान बादल के हाथ में चोट लगी, जबकि उनकी सुरक्षा में शामिल एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया। घटना के बाद एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल गुरुवार को अपने परिवार के साथ नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब कौर पहुंचे थे। वह वहां माथा टेकने और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान भीड़ के बीच एक व्यक्ति धारदार हथियार लेकर उनकी तरफ बढ़ा और उन पर हमला करने की कोशिश की। सुरक्षा घेरे में मौजूद जवानों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी और हमलावर को बादल तक पहुंचने से रोक दिया।
हाथ पर लगी चोट, अस्पताल में कराया गया इलाज
हमले के दौरान सुखबीर बादल के हाथ में चोट आई। घटना के बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। शुरुआती रिपोर्टों में चोट को गंभीर नहीं बताया गया है। हालांकि, उनकी पूरी चिकित्सकीय स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। हमले के बाद सामने आए दृश्यों में बादल हाथ पर कपड़ा बांधे हुए दिखाई दिए।
सुरक्षा अधिकारी ने भी झेली हमलावर की वारदात
हमलावर को रोकने की कोशिश में बादल की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत काबू किया। इसी वजह से हमला आगे नहीं बढ़ सका। पुलिस ने घटना के बाद मौके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
एक व्यक्ति हिरासत में, मकसद की तलाश
हमले के मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। जांच में हमलावर की पहचान, उसकी गतिविधियों और घटना से पहले की गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।
परिवार भी था साथ
हमले के समय सुखबीर बादल की पत्नी और अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल भी उनके साथ थीं। परिवार के गुरुद्वारे पहुंचने के दौरान ही यह घटना हुई। अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोगों में भी अफरातफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता के कारण हमलावर को मौके पर ही रोक लिया गया। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई।
सुबह पटना साहिब भी पहुंचे थे बादल
नांदेड़ पहुंचने से पहले सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार सुबह अपने परिवार के साथ पटना साहिब में भी दर्शन किए थे। इसके बाद वह नांदेड़ पहुंचे, जहां गुरुद्वारा माता साहिब कौर में माथा टेकने के दौरान उन पर हमला हुआ। एक ही दिन में धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने बादल की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
डेढ़ साल में दूसरी बार निशाने पर
सुखबीर सिंह बादल पर हमला होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश हुई थी। उस समय वह धार्मिक सजा के तहत गुरुद्वारे के बाहर सेवादार की ड्यूटी कर रहे थे। हमलावर ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से गोली उन्हें नहीं लगी और हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
2024 में भी टल गया था बड़ा हादसा
दिसंबर 2024 की घटना में सुखबीर बादल को कोई चोट नहीं आई थी। उस मामले में हमलावर की पहचान नारायण सिंह चौड़ा के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि उसने बादल पर उस समय गोली चलाने की कोशिश की, जब वह अकाल तख्त की ओर से दी गई धार्मिक सजा के तहत स्वर्ण मंदिर के बाहर सेवा कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को पकड़ लिया था।
धार्मिक सजा के दौरान हुए हमले से जुड़ा था पुराना मामला
2024 में अकाल तख्त ने सुखबीर बादल और अकाली दल के कई नेताओं को वर्ष 2007 से 2017 के बीच पार्टी की सरकार के दौरान हुई कथित गलतियों के लिए धार्मिक सजा सुनाई थी। इसी के तहत बादल को अलग-अलग गुरुद्वारों में सेवा करने का निर्देश दिया गया था। स्वर्ण मंदिर के बाहर हमला उसी दौरान हुआ था। इस घटना ने बादल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में चर्चा छेड़ दी थी।
अब नांदेड़ की घटना ने फिर खड़े किए सवाल
नांदेड़ की घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक धारदार हथियार लेकर व्यक्ति सुखबीर बादल के इतने करीब कैसे पहुंच गया। पुलिस अब घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। हमलावर से पूछताछ के साथ यह भी देखा जा रहा है कि वह गुरुद्वारा परिसर में कब से था और बादल की मौजूदगी की उसे पहले से जानकारी थी या नहीं।
जांच के बाद साफ होगी हमले की असली वजह
फिलहाल पुलिस का ध्यान हमलावर की मंशा और घटना की पूरी पृष्ठभूमि पता करने पर है। किसी राजनीतिक या अन्य साजिश की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए हमले की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच से ही यह साफ होगा कि यह हमला किसी व्यक्तिगत वजह से किया गया या इसके पीछे कोई और कारण था।
लगातार दूसरी घटना से बढ़ी चिंता
सुखबीर बादल पर करीब डेढ़ साल के भीतर दूसरी बार धार्मिक स्थल के पास हमला होने से उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब दोनों घटनाओं में हमलावर बेहद करीब तक पहुंच गया। नांदेड़ की घटना में सुरक्षाकर्मियों की तेजी से की गई कार्रवाई ने बड़ा नुकसान होने से रोक दिया, लेकिन अब जांच एजेंसियों के सामने सुरक्षा में हुई चूक की पूरी तस्वीर सामने लाने की चुनौती है।
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