By Malay Ojha | Published: 26 August 2026 at 08:11 AM
हैदराबाद में AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब से जुड़े फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हैं और उनकी नजर में यह आदेश इस्लाम पर सीधा हमला है। ओवैसी ने यह बात दारुस्सलाम में आयोजित ‘जलसा-ए-रहमतुल-लिल-आलमीन’ कार्यक्रम में कही।
ओवैसी ने कहा कि हाईकोर्ट ने धार्मिक प्रथा से जुड़े मामले में दखल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की एक मुस्लिम छात्रा की स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि हिजाब को इस्लाम की अनिवार्य धार्मिक प्रथा साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं दिया गया।
RSS और BJP पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने संविधान और मनुस्मृति के मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि संघ से जुड़े लोगों की सोच संविधान के बजाय मनुस्मृति को लेकर अलग रही है। उन्होंने संविधान बनने के बाद संघ के पुराने रुख का जिक्र करते हुए अपने आरोप दोहराए।
सावरकर और स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र
AIMIM प्रमुख ने हिंदुत्व विचारक वी.डी. सावरकर का जिक्र करते हुए उनके जेल के समय के पत्रों पर सवाल उठाए। इसके मुकाबले उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी मौलवी फजल-ए-हक खैराबादी के संघर्ष का उदाहरण दिया। ओवैसी ने कहा कि खैराबादी ने अंग्रेजों के खिलाफ अपना रुख नहीं बदला और जेल में कठिन परिस्थितियों का सामना किया।
अंडमान के पहले कैदी को लेकर किया दावा
ओवैसी ने अंडमान की जेल का जिक्र करते हुए हैदराबाद के मौलवी अलाउद्दीन का नाम लिया। उन्होंने दावा किया कि वह अंडमान भेजे जाने वाले शुरुआती कैदियों में थे और उन्हें सेलुलर जेल से जुड़े स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में याद किया जाना चाहिए।
SIR को लेकर लोगों से की अपील
तेलंगाना में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी SIR को लेकर भी ओवैसी ने लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम विसंगतियों वाली सूची में आए हैं या जिन्हें नोटिस मिला है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि AIMIM के कार्यकर्ता ऐसे लोगों की मदद के लिए उनके साथ खड़े रहेंगे।
हैदराबाद में नशे को लेकर जताई चिंता
ओवैसी ने हैदराबाद और तेलंगाना में बढ़ती नशे की समस्या को भी गंभीर बताया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि जो लोग नशे की लत से जूझ रहे हैं, उन्हें मदद मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने अपनी पुरानी सिगरेट की आदत का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने इसे छोड़ दिया है।
हत्याओं पर एंटी-मर्डर स्क्वाड की मांग
हैदराबाद में लगातार हो रही हत्याओं पर ओवैसी ने तेलंगाना सरकार से अलग ‘एंटी-मर्डर स्क्वाड’ बनाने की मांग की। उनका कहना है कि हत्या के मामलों की जांच के साथ-साथ ऐसे मामलों की सुनवाई भी तेजी से होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर हत्या के मामलों के लिए विशेष अदालतों पर विचार करने की मांग की। ओवैसी के मुताबिक इस संबंध में वह राज्य सरकार को ज्ञापन भी दे चुके हैं।
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