By Malay Ojha | Published: 14 September 2026 at 02:44 PM
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में करीब छह साल बाद बड़ा मोड़ आया है। CBI ने सोमवार को FIR दर्ज कर मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के 2 सितंबर के आदेश के बाद हुई है। FIR/शिकायत में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे समेत कई चर्चित नामों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, नाम दर्ज होना किसी व्यक्ति को आरोपी साबित नहीं करता।
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस रंजीतसिंहा राजा भोंसले की बेंच ने 2 सितंबर को दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। कोर्ट ने CBI को मुंबई क्षेत्र के लिए एक अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करने को कहा था। साथ ही मुंबई पुलिस को केस से जुड़े सभी दस्तावेज और जरूरी सामान CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया था।
8 जून 2020 को हुई थी दिशा की मौत
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। उनकी मौत के कुछ दिन बाद 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत मिले थे। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी। सुशांत मामले में CBI पहले ही जांच कर चुकी है और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है।
छह साल तक FIR क्यों नहीं हुई, कोर्ट ने उठाए सवाल
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि दिशा की मौत की जांच करीब छह साल तक चलती रही, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। कोर्ट ने जांच में कई ऐसी परिस्थितियों का उल्लेख किया जिन्हें देखते हुए नए सिरे से आपराधिक जांच जरूरी मानी गई। आदेश में घटनास्थल की जांच और दिशा के मोबाइल-लैपटॉप को कब्जे में लेने में हुई देरी का भी जिक्र है।
पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप
दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बेटी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि दिशा के साथ रेप और हत्या हुई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों के खिलाफ FIR की मांग की थी। बाद में 11 सितंबर को उन्होंने CBI के सामने अपना बयान भी दर्ज कराया।
FIR में कई चर्चित नामों का जिक्र
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक CBI की FIR/शिकायत में आदित्य ठाकरे, उद्धव ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे और पूर्व पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह समेत कई नामों का उल्लेख है। इसके अलावा कुछ पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों, अस्पताल के कर्मचारियों और बिल्डिंग के सुरक्षा कर्मचारियों का भी जिक्र बताया गया है।
अभी किसी को आरोपी मानना जल्दबाजी होगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से कहा था कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने CBI को मामले के सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से जांच करने की छूट दी है। अगर जांच में अपराध साबित होता है तो आगे कानूनी कार्रवाई होगी और अगर अपराध नहीं मिलता तो CBI अदालत में रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।
अब CBI की जांच पर टिकी नजर
FIR दर्ज होने के बाद अब CBI दिशा सालियान की मौत से जुड़े घटनाक्रम, पहले की जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और सामने आए आरोपों की दोबारा पड़ताल करेगी। छह साल पुराने इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और दिशा की मौत के पीछे वास्तव में क्या हुआ था।
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