By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 at 09:08 PM
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई शहरों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी सेना ने एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार ईरान में बड़े स्तर पर सैन्य अभियान चलाया है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, कई शहरों में मौजूद सैन्य ठिकानों और रणनीतिक परिसरों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पहले से तय सैन्य योजना के तहत की गई है। दूसरी ओर, ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए जवाब देने की चेतावनी दी है।
ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागने का दावा
हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि उसके निशाने पर कमांड सेंटर और ड्रोन संचालन से जुड़े ठिकाने थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। अमेरिका का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है और अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया।
होर्मुज पर बढ़ा संकट
तनाव के बीच सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सामने आई है। ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर कड़े नियंत्रण की घोषणा की है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के कारण यह कदम उठाया गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल इस रास्ते पर किसी भी तरह का संकट वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
खाड़ी के देशों में हाई अलर्ट
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बाद कई खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए कार्रवाई की। बहरीन में हवाई हमले के सायरन बजाए गए, जबकि कतर ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी। ओमान के कुछ इलाकों से भी सुरक्षा गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आई हैं।
दोनों देशों के दावे, लेकिन तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं
अमेरिका का दावा है कि हाल के दिनों में उसने ईरान के बड़ी संख्या में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, ईरानी मीडिया लगातार कई प्रांतों में विस्फोटों और सैन्य गतिविधियों की खबरें दे रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से किए गए कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। किसी बड़े नुकसान या भारी जनहानि की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।
दुनिया की नजर अब अगले कदम पर
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की कीमतों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री यातायात और वैश्विक सुरक्षा पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
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