By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 at 04:37 PM
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को धरातल पर कितना प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, इसकी हकीकत जानने के लिए ऊर्जा सचिव एवं बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव खुद गांव पहुंचे। उन्होंने पटना जिले के मसौढ़ी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के ढिबरा पंचायत स्थित हसनपुरा गांव और आसपास के इलाकों का दौरा कर सोलर पैनलों की स्थापना, उनकी कार्यप्रणाली और लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने तथा तय समय सीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
लाभार्थियों से पूछा- पैनल लगाने के बाद मिल रहा फायदा या नहीं
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने कुटीर ज्योति योजना के लाभार्थियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने जाना कि सोलर पैनल लगाने के बाद उन्हें बिजली की सुविधा किस तरह मिल रही है, कहीं कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं है और रोजमर्रा के उपयोग में उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और स्थापना कार्य के दौरान उनकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण में सामने आईं सुधार की जरूरतें
दौरे के दौरान यह भी पाया गया कि कई स्थानों पर उपकरणों की जांच, सोलर पैनलों की सही माउंटिंग और लाभार्थियों को पैनल के उपयोग की जानकारी देने की व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। ऊर्जा सचिव ने कहा कि केवल पैनल लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को यह भी समझाया जाना चाहिए कि उसका सही उपयोग और रखरखाव कैसे किया जाए।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, दक्ष कर्मियों से ही होगा काम
अजय यादव ने संबंधित अधिकारियों और कार्य कर रही एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सोलर पैनल तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार लगाए जाएं। स्थापना का कार्य प्रशिक्षित और दक्ष कर्मियों से ही कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह की तकनीकी परेशानी न आए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
लाभार्थियों को प्रशिक्षण देना भी होगा जरूरी
ऊर्जा सचिव ने कहा कि योजना की सफलता केवल सोलर पैनल लगाने से नहीं मापी जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि लाभार्थियों को पैनल की देखभाल, सुरक्षा और सही उपयोग की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर लाभार्थी को आसान भाषा में प्रशिक्षण और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वर्षों तक योजना का लाभ मिलता रहे।
गांव-गांव लगाए जाएंगे जागरूकता शिविर
योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। ऊर्जा सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर लोगों को योजना की जानकारी दी जाए और पात्र परिवारों को आवेदन तथा सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया के बारे में बताया जाए। इससे योजना का दायरा और तेजी से बढ़ेगा।
‘सिर्फ पैनल लगाना नहीं, लोगों को फायदा मिलना भी जरूरी’
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक सस्ती, भरोसेमंद और टिकाऊ बिजली पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि हर लाभार्थी लंबे समय तक इस योजना का वास्तविक लाभ उठा सके। इसलिए गुणवत्ता और उपभोक्ता संतुष्टि दोनों पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
बिजली व्यवस्था का भी किया निरीक्षण
क्षेत्र भ्रमण के दौरान अजय यादव ने स्थानीय बिजली ढांचे और वितरण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रांसफार्मरों के नियमित रखरखाव और समय पर अनुरक्षण के निर्देश दिए, ताकि बार-बार बिजली जाने या ट्रिपिंग जैसी समस्याएं कम हों। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना ऊर्जा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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