By Malay Ojha | Published: 08 July 2026 at 09:57 PM
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि “संभव है आज रात भी हमला किया जाए।” ट्रंप के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में हालात को लेकर नई आशंकाएं पैदा हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनके बयान को गंभीरता से देखा जा रहा है।
ट्रंप ने यह टिप्पणी तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो सम्मेलन के दौरान की। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ मुलाकात से पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर कड़ा हमला किया था और आगे भी जरूरत पड़ने पर कार्रवाई जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि अगला कदम हालात को देखते हुए तय किया जाएगा, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं।
‘आज रात भी हमला हो सकता है’
पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा, “शायद।” इसके बाद उन्होंने कहा कि आमतौर पर वह सैन्य रणनीति सार्वजनिक नहीं करते, लेकिन ईरान अब ऐसी स्थिति में नहीं है कि वह अमेरिका की योजनाओं को रोक सके। उनके इस बयान ने संकेत दिया कि वाशिंगटन अभी भी सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है।
बुनियादी ढांचे को भी बनाया जा सकता है निशाना
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो ईरान के आम नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने खार्ग द्वीप का भी उल्लेख किया, जिसे ईरान के तेल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। हालांकि उन्होंने किसी संभावित अभियान की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उनके बयान ने यह साफ कर दिया कि अमेरिकी रणनीति केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह सकती।
ईरानी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला। उनका आरोप था कि बातचीत के दौरान ईरानी अधिकारी एक बात पर सहमति जताते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंच पर पहुंचते ही अपने बयान बदल देते हैं। उन्होंने कहा कि समझौते की इच्छा जताने के बावजूद तेहरान बार-बार अपने रुख से पीछे हटता रहा है। इसी वजह से किसी स्थायी समाधान तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
‘वे समझौते की बात करते हैं, फिर पलट जाते हैं’
ट्रंप ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधि बातचीत की मेज पर लगभग हर प्रस्ताव मान लेते हैं, लेकिन बाद में प्रेस के सामने जाकर यह कह देते हैं कि ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं। उन्होंने इस व्यवहार को अविश्वसनीय बताते हुए कहा कि इसी कारण अमेरिका को अब अलग रणनीति अपनानी पड़ रही है। उनके अनुसार ऐसे हालात में केवल कूटनीतिक बातचीत पर भरोसा करना संभव नहीं है।
सीजफायर पर भी बदला रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि ईरान के साथ युद्धविराम को लेकर पहले जो उम्मीदें जताई गई थीं, वे अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह तेहरान के साथ आगे किसी नई बातचीत के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना था कि अब हालात उस मोड़ पर पहुंच चुके हैं, जहां पहले जैसी शांति प्रक्रिया संभव नहीं दिखती।
दुनिया की नजर अगले कदम पर
ट्रंप के ताजा बयान के बाद पूरी दुनिया की नजर अब अमेरिका के अगले फैसले पर टिक गई है। यदि वाशिंगटन वास्तव में नई सैन्य कार्रवाई करता है तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन इस पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
बढ़ती चिंता के बीच कूटनीतिक हल की उम्मीद
हालांकि ट्रंप के बयान ने तनाव बढ़ा दिया है, लेकिन कई देशों की कोशिश अब भी यही है कि स्थिति पूर्ण युद्ध की ओर न बढ़े। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। फिलहाल सबकी निगाह इस बात पर है कि अमेरिका अपने अगले कदम के रूप में सैन्य कार्रवाई करता है या कूटनीतिक रास्ते को एक और मौका देता है।
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