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महाराष्ट्र में बारिश का कहर! मंदिर बंद, स्कूल-कॉलेज पर ताला, 300 मिमी बारिश का रेड अलर्ट

By Malay Ojha | Published: 07 July 2026 at 11:41 AM

महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। सबसे बड़ा फैसला नासिक के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर को अगले आदेश तक श्रद्धालुओं के लिए बंद करने का लिया गया है। मौसम विभाग ने नासिक की कई तहसीलों में 300 मिलीमीटर तक बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। हालात को देखते हुए कई इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

लगातार हो रही तेज बारिश और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर को अगले आदेश तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने पहले से मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और मंदिर की ओर आने वाले वाहनों को रास्ते में ही रोककर वापस भेजना शुरू कर दिया है। नासिक का प्रसिद्ध सप्तश्रृंगी माता मंदिर भी एहतियात के तौर पर बंद रखा गया है।

300 मिमी बारिश की चेतावनी से बढ़ी चिंता
भारतीय मौसम विभाग ने नासिक जिले की पांच तहसीलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि कुछ इलाकों में बेहद कम समय में 300 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी क्षेत्र में रात से लगातार तेज बारिश जारी है। इसी चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने दिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और राहत-बचाव के सभी इंतजाम मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन देर रात ही नासिक पहुंच गए। उन्होंने त्र्यंबकेश्वर के मेटघर क्षेत्र का दौरा किया और खतरे वाले इलाकों से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की निगरानी की।

बारिश से हाईवे पर भी पड़ा असर
लगातार बारिश के कारण नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर पानी का बहाव तेज हो गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सड़क की एक लेन बंद कर दी है। दूसरी लेन से वाहनों को बेहद धीमी रफ्तार से निकाला जा रहा है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।

स्कूल-कॉलेज भी किए गए बंद
रेड अलर्ट के बाद नासिक जिले की प्रभावित तहसीलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, लोगों को केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है।

मुंबई में भी बिगड़े मौसम के तेवर
राजधानी मुंबई में भी मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। अनुमान है कि दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मुंबई में भी बंद रहे स्कूल और कई दफ्तर
खराब मौसम को देखते हुए मुंबई के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा कई सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित रहा। कई निजी संस्थानों ने भी कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यालय बंद रखने का फैसला लिया।

चेतावनी के बावजूद समुद्र किनारे उमड़ी भीड़
प्रशासन की अपील और खराब मौसम के बावजूद जुहू समुद्र तट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अलग-अलग शहरों से आए पर्यटक समुद्र किनारे घूमते दिखाई दिए। कई लोगों का कहना था कि उन्हें किसी ने वहां जाने से नहीं रोका। हालांकि समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवा को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों से तट से दूर रहने की अपील कर रहा है।

जान जोखिम में डालकर सिक्के बटोरते दिखे लोग
जुहू समुद्र तट पर कुछ लोग समुद्र की लहरों के बीच जाल लगाकर सिक्के इकट्ठा करते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार श्रद्धालु और पर्यटक समुद्र में सिक्के फेंकते हैं, जिन्हें बाद में कुछ लोग निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन भारी बारिश, तेज लहरों और समुद्र में बढ़ते खतरे के बावजूद ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है।

प्रशासन ने जारी की अहम सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि शाम के समय ऊंची ज्वार के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और बढ़ सकता है। जिला प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों और नदी-नालों के पास नहीं जाने, अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। राहत और बचाव दल पूरी तरह तैयार हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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महाराष्ट्र में बारिश का कहर! मंदिर बंद, स्कूल-कॉलेज पर ताला, 300 मिमी बारिश का रेड अलर्ट

By Malay Ojha | Published: 07 July 2026 at 11:41 AM

महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। सबसे बड़ा फैसला नासिक के प्रसिद्ध त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर को अगले आदेश तक श्रद्धालुओं के लिए बंद करने का लिया गया है। मौसम विभाग ने नासिक की कई तहसीलों में 300 मिलीमीटर तक बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। हालात को देखते हुए कई इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

लगातार हो रही तेज बारिश और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर को अगले आदेश तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने पहले से मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और मंदिर की ओर आने वाले वाहनों को रास्ते में ही रोककर वापस भेजना शुरू कर दिया है। नासिक का प्रसिद्ध सप्तश्रृंगी माता मंदिर भी एहतियात के तौर पर बंद रखा गया है।

300 मिमी बारिश की चेतावनी से बढ़ी चिंता
भारतीय मौसम विभाग ने नासिक जिले की पांच तहसीलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि कुछ इलाकों में बेहद कम समय में 300 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी क्षेत्र में रात से लगातार तेज बारिश जारी है। इसी चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने दिए तुरंत कार्रवाई के निर्देश
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और राहत-बचाव के सभी इंतजाम मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन देर रात ही नासिक पहुंच गए। उन्होंने त्र्यंबकेश्वर के मेटघर क्षेत्र का दौरा किया और खतरे वाले इलाकों से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की निगरानी की।

बारिश से हाईवे पर भी पड़ा असर
लगातार बारिश के कारण नासिक-त्र्यंबकेश्वर मार्ग पर पानी का बहाव तेज हो गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सड़क की एक लेन बंद कर दी है। दूसरी लेन से वाहनों को बेहद धीमी रफ्तार से निकाला जा रहा है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।

स्कूल-कॉलेज भी किए गए बंद
रेड अलर्ट के बाद नासिक जिले की प्रभावित तहसीलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, लोगों को केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है।

मुंबई में भी बिगड़े मौसम के तेवर
राजधानी मुंबई में भी मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। अनुमान है कि दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

मुंबई में भी बंद रहे स्कूल और कई दफ्तर
खराब मौसम को देखते हुए मुंबई के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा कई सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित रहा। कई निजी संस्थानों ने भी कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यालय बंद रखने का फैसला लिया।

चेतावनी के बावजूद समुद्र किनारे उमड़ी भीड़
प्रशासन की अपील और खराब मौसम के बावजूद जुहू समुद्र तट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अलग-अलग शहरों से आए पर्यटक समुद्र किनारे घूमते दिखाई दिए। कई लोगों का कहना था कि उन्हें किसी ने वहां जाने से नहीं रोका। हालांकि समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवा को देखते हुए प्रशासन लगातार लोगों से तट से दूर रहने की अपील कर रहा है।

जान जोखिम में डालकर सिक्के बटोरते दिखे लोग
जुहू समुद्र तट पर कुछ लोग समुद्र की लहरों के बीच जाल लगाकर सिक्के इकट्ठा करते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार श्रद्धालु और पर्यटक समुद्र में सिक्के फेंकते हैं, जिन्हें बाद में कुछ लोग निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन भारी बारिश, तेज लहरों और समुद्र में बढ़ते खतरे के बावजूद ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है।

प्रशासन ने जारी की अहम सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि शाम के समय ऊंची ज्वार के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और बढ़ सकता है। जिला प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों और नदी-नालों के पास नहीं जाने, अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। राहत और बचाव दल पूरी तरह तैयार हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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