By Malay Ojha | Published: 08 July 2026 at 06:56 PM
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच विजिलेंस ने एक ऐसी छापेमारी की है जिसने हर किसी को चौंका दिया। आगरा में तैनात रह चुके पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर से करोड़ों रुपये की नकदी, तेरह किलो सोना, नौ किलो चांदी और करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में बरामद संपत्तियों की कुल कीमत लगभग पैंतीस करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
विजिलेंस की यह कार्रवाई अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद मंगलवार और बुधवार को की गई। टीम ने लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में बने पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के मकान की गहन तलाशी ली। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले से ही आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज है और उसी की जांच के दौरान यह छापा मारा गया।
घर के कोने-कोने से निकला करोड़ों का खजाना
तलाशी के दौरान विजिलेंस अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी गई नकदी मिली। पैकेटों में रखे गए कुल एक करोड़ बासठ लाख रुपये बरामद किए गए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोना और चांदी मिलने से जांच टीम भी हैरान रह गई। बरामद सोना बिस्कुट, ईंट और आभूषणों के रूप में रखा गया था, जबकि चांदी ईंटों, सिक्कों और गहनों के रूप में मिली।
सोने की कीमत ने बढ़ाया सबका हैरानी का स्तर
जब सरकारी मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता ने बरामद सोने और चांदी का आकलन किया तो उनकी अनुमानित कीमत करीब बीस करोड़ रुपये निकली। अकेले कीमती धातुओं का इतना बड़ा भंडार मिलने के बाद जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी संपत्ति आखिर कैसे जुटाई गई।
बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले
छापेमारी में बड़ी संख्या में जमीन, मकान और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि लखनऊ के कई इलाकों के अलावा बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि तथा आवासीय प्लॉट खरीदे गए थे। इसके अलावा नोएडा में महंगे फ्लैट से जुड़े कागजात भी मिले हैं। इन अचल संपत्तियों की कीमत करीब तेरह करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बैंक जमा और निवेश की भी होगी जांच
विजिलेंस को बैंक खातों, डाकघर योजनाओं, सावधि जमा और म्यूचुअल फंड से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन निवेशों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। अब जांच एजेंसियां इन सभी खातों और निवेश के स्रोत की भी पड़ताल करेंगी।
महंगी गाड़ियां और हथियार भी बरामद
तलाशी के दौरान मकान से दो लग्जरी कारें भी मिलीं। इनमें एक इनोवा और एक आई-20 कार शामिल है। इसके अलावा एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई है। घर में मौजूद महंगे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य कीमती वस्तुओं की भी सूची तैयार की गई है ताकि संपत्ति का पूरा आकलन किया जा सके।
पहले से दर्ज था आय से अधिक संपत्ति का मामला
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार ललित कुमार के खिलाफ पहले ही आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया जा चुका था। राज्य सरकार के निर्देश पर लखनऊ सेक्टर की टीम लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर अदालत से तलाशी वारंट लिया गया और फिर यह बड़ी कार्रवाई की गई।
अब होगा दस्तावेजों का सत्यापन
बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में बेनामी संपत्ति और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो मामले में और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
बेहतरीन कार्रवाई पर विजिलेंस टीम को मिला इनाम
इस बड़ी कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश विजिलेंस के महानिदेशक और पुलिस महानिदेशक ने लखनऊ सेक्टर की पूरी टीम की सराहना की है। उन्होंने कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम को एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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