By Malay Ojha | Published: 08 July 2026 at 02:25 PM
अगर आप इस बार सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन की तैयारी कर रहे हैं तो घर से निकलने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। इस बार पूरे सावन महीने में किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी या प्रोटोकॉल के जरिए मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। चाहे जनप्रतिनिधि हों, अधिकारी हों या किसी बड़े पद पर बैठे लोग, सभी को सामान्य श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर ही बाबा के दर्शन करने होंगे। मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की विशेष सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी और फर्जी वीआईपी दर्शन कराने का दावा करने वालों से भी सावधान रहने की जरूरत है।
सावन को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रशासन की संयुक्त बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सभी को समान अवसर देने और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए पूरे महीने वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे दर्शन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित रहेगी।
किसी की सिफारिश नहीं चलेगी, दलालों से रहें सतर्क
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे सावन में विशेष दर्शन की कोई अलग व्यवस्था नहीं रहेगी। किसी भी व्यक्ति की ओर से भेजी गई सिफारिश या अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराने या वीआईपी प्रवेश दिलाने का दावा करे तो उसके झांसे में बिल्कुल न आएं। ऐसे मामलों में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
कब से कब तक रहेगा सावन?
इस वर्ष सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी और 28 अगस्त 2026, यानी रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा। पूरे महीने बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।
इन रास्तों से मिलेगा मंदिर में प्रवेश
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए कई प्रवेश मार्ग निर्धारित किए हैं। इनमें गेट संख्या चार, काशी द्वार मार्ग चार-बी, नंदू फरिया मार्ग, सिल्को मार्ग, ढुंढिराज मार्ग, सरस्वती फाटक मार्ग और भैरव द्वार मार्ग शामिल हैं।
हालांकि प्रशासन ने यह भी बताया है कि यदि गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो मंदिर घाट की ओर से आने वाले मार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को अन्य निर्धारित प्रवेश द्वारों का उपयोग करना होगा।
काशी के लोगों के लिए झांकी दर्शन की सुविधा
स्थानीय श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था भी की है। सावन में सोमवार और प्रमुख पर्वों को छोड़कर बाकी दिनों में सुबह चार बजे से पांच बजे तक तथा शाम चार बजे से पांच बजे तक झांकी दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को भीड़ से अलग निर्धारित समय में दर्शन का अवसर मिलेगा।
धाम नहीं आ सकते तो घर बैठे करें दर्शन
जो श्रद्धालु किसी कारणवश वाराणसी नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए भी व्यवस्था की गई है। पूरे सावन महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन का सीधा प्रसारण उपलब्ध रहेगा। श्रद्धालु मंदिर न्यास की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल और टाटा स्काई के माध्यम से घर बैठे दर्शन कर सकेंगे।
इन सामानों को लेकर कतार में न जाएं
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि दर्शन के लिए आते समय प्रतिबंधित सामान साथ लेकर न आएं। स्मार्ट घड़ी, मोबाइल फोन, ईयरफोन, तंबाकू, नशीले पदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन, बड़े बैग और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालु ऐसे सामान अपने होटल, घर या ठहरने के स्थान पर ही छोड़ दें। इससे सुरक्षा जांच में समय बचेगा और दर्शन व्यवस्था भी सुचारु बनी रहेगी।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
मंदिर प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए सभी से नियमों का पालन करने की अपेक्षा है। सामान्य कतार में दर्शन करने, निर्धारित मार्गों का उपयोग करने और प्रतिबंधित सामान साथ न लाने से सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों और फर्जी दावों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
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