By Malay Ojha | Published: 08 July 2026 at 09:43 PM
बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। सबसे अहम निर्णय पटना स्थित एम्स के विस्तार को लेकर लिया गया, जिसके लिए करीब 348.90 करोड़ रुपये की लागत से नई जमीन अधिग्रहित करने की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य के चार प्रमुख मार्गों पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की तैयारी शुरू करने और मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए नई सरकारी कंपनी बनाने का भी फैसला हुआ। कुल 22 प्रस्तावों को कैबिनेट की स्वीकृति मिली।
कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। बैठक में दानापुर के भूसौला मौजा में करीब 26.76 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस परियोजना पर लगभग 348.90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि इससे पटना एम्स में इलाज की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
मरीजों को मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
सरकार के मुताबिक एम्स के विस्तार से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ेगा। एक ही परिसर में अधिक मरीजों का इलाज संभव होगा। इसके अलावा मेडिकल शिक्षा, शोध और विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रशिक्षण को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं का दबाव कम होने के साथ-साथ प्रदेश के दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों को भी राहत मिल सकती है।
चार बड़े शहरों तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट की तैयारी
बैठक में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम विकसित करने के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने की मंजूरी दी है। यह जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को सौंपी गई है।
इन मार्गों पर तैयार होगा नेटवर्क
प्रस्तावित योजना के अनुसार पटना से मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया तक तेज रफ्तार सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करने की तैयारी है। यदि परियोजना आगे बढ़ती है तो इन शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
मत्स्य पालन के लिए नई सरकारी कंपनी
कैबिनेट ने मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि नई कंपनी आधुनिक मत्स्य अवसंरचना विकसित करने, निजी निवेश आकर्षित करने और इस क्षेत्र में नई परियोजनाओं को गति देने का काम करेगी।
रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
सरकार का दावा है कि इस पहल से मत्स्य पालकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन की व्यवस्था भी मजबूत होगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि की संभावना है।
कुल 22 प्रस्तावों पर लगी मुहर
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य, परिवहन और मत्स्य पालन के अलावा विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 22 एजेंडों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना, विकास परियोजनाओं को गति देना और आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
क्या होगा आगे
एम्स विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। वहीं रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए पहले विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार होगा। इसके बाद परियोजना की लागत, वित्तीय मॉडल और निर्माण की समय-सीमा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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