National

spot_img

‘मुझे चुप कराना है तो मारना होगा’, भाजपा पर ममता बनर्जी का सबसे बड़ा हमला; दल छोड़ने वालों को भी दी खुली चेतावनी

By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 04:42 PM

भाजपा पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर कोई उनकी आवाज दबाना चाहता है तो उसे पहले उनकी जान लेनी होगी। वीडियो संदेश जारी कर ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने दल छोड़ने वाले नेताओं को भी दो टूक संदेश दिया कि जो भाजपा के साथ जाना चाहते हैं, वे खुलकर जाएं, लेकिन पार्टी में रहकर दोहरी राजनीति न करें।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दबाव बनाकर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश हो रही है, लेकिन उनकी पार्टी झुकने वाली नहीं है। ममता ने कहा कि उन्हें चुप कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।

‘अगर चुप कराना है तो मुझे मारना होगा’
अपने संदेश में ममता बनर्जी ने बेहद तीखे अंदाज में कहा कि यदि उनकी आवाज बंद करनी है तो उन्हें मारना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश लंबे समय से जारी है। उनका कहना था कि विरोध की आवाज दबाने के लिए हर तरीका अपनाया जा रहा है, लेकिन वह अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगी।

महुआ, अभिषेक और कल्याण का भी लिया नाम
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं को भी विभिन्न मामलों में निशाना बनाया गया। ममता ने यह आरोप भी लगाया कि उनके घर तक पर हमला किया गया और राजनीतिक प्रताड़ना का माहौल बनाया गया।

हिरासत में नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि हिरासत में बंद उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार कई लोगों को जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया गया, कुछ की कमर में रस्सी बांधी गई और पैरों में बेड़ियां लगाकर घुमाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों का सिर मुंडवाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

दल छोड़ने वालों को भी सुनाई खरी-खरी
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में सबसे बड़ी पूंजी जनता का भरोसा होता है और उसे तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जो नेता तृणमूल कांग्रेस में रहकर किसी दूसरी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें भ्रम की स्थिति खत्म करनी चाहिए। यदि कोई भाजपा में जाना चाहता है तो खुलकर वहां जाए, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नाम का इस्तेमाल न करे।

तीन पूर्व सांसदों के भाजपा में जाने से बढ़ी सियासत
ममता का यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके तीन पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। भाजपा ने इन नेताओं को आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार भी बनाया है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

24 जुलाई को होगा राज्यसभा उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव होना है। इसी दिन मतदान और मतगणना भी होगी। चुनाव से पहले दल बदल और नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को लगातार गर्म कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव आने वाले बड़े राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

International

spot_img

‘मुझे चुप कराना है तो मारना होगा’, भाजपा पर ममता बनर्जी का सबसे बड़ा हमला; दल छोड़ने वालों को भी दी खुली चेतावनी

By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 04:42 PM

भाजपा पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर कोई उनकी आवाज दबाना चाहता है तो उसे पहले उनकी जान लेनी होगी। वीडियो संदेश जारी कर ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने दल छोड़ने वाले नेताओं को भी दो टूक संदेश दिया कि जो भाजपा के साथ जाना चाहते हैं, वे खुलकर जाएं, लेकिन पार्टी में रहकर दोहरी राजनीति न करें।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दबाव बनाकर तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश हो रही है, लेकिन उनकी पार्टी झुकने वाली नहीं है। ममता ने कहा कि उन्हें चुप कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह पीछे हटने वाली नहीं हैं।

‘अगर चुप कराना है तो मुझे मारना होगा’
अपने संदेश में ममता बनर्जी ने बेहद तीखे अंदाज में कहा कि यदि उनकी आवाज बंद करनी है तो उन्हें मारना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश लंबे समय से जारी है। उनका कहना था कि विरोध की आवाज दबाने के लिए हर तरीका अपनाया जा रहा है, लेकिन वह अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगी।

महुआ, अभिषेक और कल्याण का भी लिया नाम
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं को भी विभिन्न मामलों में निशाना बनाया गया। ममता ने यह आरोप भी लगाया कि उनके घर तक पर हमला किया गया और राजनीतिक प्रताड़ना का माहौल बनाया गया।

हिरासत में नेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार का आरोप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि हिरासत में बंद उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार कई लोगों को जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया गया, कुछ की कमर में रस्सी बांधी गई और पैरों में बेड़ियां लगाकर घुमाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों का सिर मुंडवाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

दल छोड़ने वालों को भी सुनाई खरी-खरी
ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में सबसे बड़ी पूंजी जनता का भरोसा होता है और उसे तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि जो नेता तृणमूल कांग्रेस में रहकर किसी दूसरी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें भ्रम की स्थिति खत्म करनी चाहिए। यदि कोई भाजपा में जाना चाहता है तो खुलकर वहां जाए, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नाम का इस्तेमाल न करे।

तीन पूर्व सांसदों के भाजपा में जाने से बढ़ी सियासत
ममता का यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके तीन पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। भाजपा ने इन नेताओं को आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार भी बनाया है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

24 जुलाई को होगा राज्यसभा उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव होना है। इसी दिन मतदान और मतगणना भी होगी। चुनाव से पहले दल बदल और नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को लगातार गर्म कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव आने वाले बड़े राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी माना जा रहा है।

📢 बड़ी खबर आते ही सबसे पहले जानना चाहते हैं?
Aryavarta Live के WhatsApp Channel से जुड़ें और हर महत्वपूर्ण अपडेट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

WhatsApp चैनल जॉइन करें
Breaking Hindi News और ताज़ा अपडेट्स पाएं सबसे पहले Aryavarta Live पर। यहां आपको भारत, पाकिस्तान, अमेरिका समेत दुनिया भर की महत्वपूर्ण खबरें मिलेंगी। खेल, मनोरंजन, व्यापार, टेक्नोलॉजी, क्राइम, उत्तर प्रदेश और बिहार की हर बड़ी खबर पढ़ने के लिए जुड़े रहें Aryavarta Live के साथ।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES