By Malay Ojha | Published: 10 July 2026 at 04:22 PM
अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने निचली अदालत की सजा को बरकरार रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभिनेता को फिर से जेल भेजा जाए। अदालत का कहना है कि कई अवसर दिए जाने के बावजूद राजपाल यादव ने अपने वादे पूरे नहीं किए और बकाया रकम भी जमा नहीं कर सके।
दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कहा कि अभिनेता को कर्ज चुकाने और अपने आश्वासनों को पूरा करने के लिए कई मौके दिए गए थे, लेकिन हर बार वे ऐसा करने में असफल रहे। अदालत ने माना कि इस मामले में उनका रवैया संतोषजनक नहीं रहा। इसी वजह से अदालत ने सजा में किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
हर मामले में तीन महीने की सजा
मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दर्ज सात चेक बाउंस मामलों में अदालत ने राजपाल यादव को प्रत्येक मामले में तीन-तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। साथ ही हर मामले में एक करोड़ पांच लाख रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए उन्हें कुल तीन महीने की ही कैद भुगतनी होगी।
कोर्ट ने क्या कहा?
फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अभिनेता को कई बार भरोसा जताने और कर्ज चुकाने का अवसर दिया गया, लेकिन वे लगातार अपने वादे निभाने में विफल रहे। अदालत ने यह भी माना कि इस तरह का व्यवहार न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीरता नहीं दर्शाता। इसी आधार पर उनकी सजा को बरकरार रखा गया।
अब फिर जेल जाना होगा
फैसले के बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों को राजपाल यादव को दोबारा जेल भेजने का निर्देश दिया है। इससे पहले वे इसी मामले में कुछ समय जेल में रहने के बाद अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे। अब हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उनकी राहत खत्म होती दिखाई दे रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद करीब डेढ़ दशक पुराना है। वर्ष 2010 में राजपाल यादव ने ‘अता पता लापता’ नाम की फिल्म का निर्माण किया था। फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी और आर्थिक नुकसान के कारण कंपनी की रकम समय पर वापस नहीं की जा सकी।
5 करोड़ से बढ़कर 9 करोड़ तक पहुंची रकम
कर्ज की रकम समय पर जमा नहीं होने से उस पर ब्याज बढ़ता गया। बताया जाता है कि बाद में कुल बकाया राशि करीब नौ करोड़ रुपये तक पहुंच गई। कंपनी को भुगतान के लिए दिए गए कई चेक भी बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने कानूनी कार्रवाई शुरू की और मामला अदालत पहुंच गया।
पहले निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
मामले की सुनवाई के दौरान कड़कड़डूमा अदालत ने अभिनेता को छह महीने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अपील के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए राहत भी मिली, लेकिन अदालत ने बकाया रकम चुकाने की शर्त रखी थी।
फरवरी में भी बढ़ी थीं मुश्किलें
इस वर्ष फरवरी में भी इसी मामले में राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई थीं। अदालत ने उन्हें बकाया रकम जमा करने का निर्देश दिया था। वे कुछ दिन जेल में भी रहे और बाद में अंतरिम जमानत पर रिहा हुए। अब हाई कोर्ट के ताजा फैसले ने उनकी कानूनी परेशानियां फिर बढ़ा दी हैं।
इंडस्ट्री से मदद के बावजूद नहीं चुका सके रकम
मामले के दौरान फिल्म जगत के कुछ लोगों ने भी राजपाल यादव की मदद की थी। इसके बावजूद वे पूरी बकाया राशि जमा नहीं कर सके। अदालत ने इसी तथ्य को भी ध्यान में रखा और माना कि कई अवसर मिलने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। अब अदालत के आदेश के बाद अभिनेता को दोबारा जेल जाना पड़ सकता है।
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