By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 at 10:40 PM
अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ‘हिट लिस्ट’ तेजी से वायरल हो रही है। इस सूची में ट्रंप का नाम सबसे ऊपर दिखाई दे रहा है, जबकि ग्राहम की तस्वीर पर लाल रंग का क्रॉस बना हुआ है। इन तस्वीरों ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव के बीच नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अब तक ईरान सरकार की ओर से इस सूची या ग्राहम की मौत को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में कई अमेरिकी नेताओं की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। इनमें डोनाल्ड ट्रंप को कथित तौर पर सबसे ऊपर रखा गया है, जबकि सूची के आखिर में लिंडसे ग्राहम की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बना है। इसी वजह से इंटरनेट पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही ईरान ने इन तस्वीरों को आधिकारिक तौर पर जारी करने की पुष्टि की है।
पहले भी सामने आए थे ऐसे पोस्टर
यह पहली बार नहीं है जब लिंडसे ग्राहम की तस्वीर इस तरह चर्चा में आई हो। इससे पहले भी ईरान में कुछ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनके पोस्टर कथित तौर पर निशाने के प्रतीक के साथ दिखाई दिए थे। इसके अलावा ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भी सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्टर वायरल हुए थे, जिनमें ग्राहम का नाम और तस्वीर चर्चा का विषय बने थे। हालांकि इन पोस्टरों को लेकर भी कोई आधिकारिक सरकारी घोषणा नहीं की गई थी।
मौत से पहले यूक्रेन दौरे पर थे ग्राहम
निधन से एक दिन पहले लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने ड्रोन निर्माण और रक्षा से जुड़ी एक सुविधा का निरीक्षण किया था। इसके अगले ही दिन उनके निधन की खबर सामने आई। ग्राहम के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एक संक्षिप्त बीमारी के कारण शनिवार शाम उनका निधन हो गया। परिवार ने लोगों से प्रार्थना करने और इस कठिन समय में निजता का सम्मान करने की अपील की है।
अमेरिकी राजनीति में मजबूत पहचान
लिंडसे ग्राहम अमेरिका की विदेश नीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक दक्षिण कैरोलाइना का प्रतिनिधित्व किया। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान वह यूक्रेन के सबसे मुखर समर्थकों में शामिल रहे और रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की लगातार मांग करते रहे। भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भी उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से आलोचनात्मक बयान दिए थे।
ईरान पर लगातार हमलावर रहे थे ग्राहम
लिंडसे ग्राहम कई मौकों पर ईरान के धार्मिक नेतृत्व की खुलकर आलोचना कर चुके थे। उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई को तानाशाह बताते हुए कहा था कि अब उनके सत्ता से हटने का समय आ गया है। उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि निर्णय उनके हाथ में होता तो वह ईरान के शीर्ष नेतृत्व को ही निशाना बनाते। उनके इन बयानों के बाद ईरान समर्थक समूहों की ओर से लगातार विरोध देखने को मिला था।
क्या मौत का ईरान से कोई संबंध है?
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और विभिन्न दावों के बावजूद अब तक ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि लिंडसे ग्राहम की मौत का ईरान से कोई संबंध है। ग्राहम के कार्यालय ने मौत का कारण बीमारी बताया है, जबकि ईरान सरकार की ओर से हत्या या किसी साजिश को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को फिलहाल पुष्टि के साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
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