By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 at 10:09 PM
करीब दो दशक तक बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित सरकारी आवास रहे 10 सर्कुलर रोड का राजनीतिक चेहरा अब पूरी तरह बदल गया है। बंगले से राष्ट्रीय जनता दल का चुनाव चिन्ह लालटेन हटा दिया गया है, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम की पट्टी भी उतार ली गई है और मुख्य गेट को गेरुआ रंग से रंगा जा रहा है। सरकार ने यह बंगला नए पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है, जो सावन के दौरान यहां विधि-विधान से प्रवेश करेंगे।
बिहार की सत्ता बदलने के साथ राजधानी पटना के चर्चित सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड की पहचान भी बदलती नजर आ रही है। लंबे समय तक यह बंगला लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के राजनीतिक और पारिवारिक केंद्र के रूप में जाना जाता रहा। अब यहां बड़े पैमाने पर मरम्मत, रंग-रोगन और साज-सज्जा का काम चल रहा है। बंगले के बाहर और भीतर का स्वरूप पूरी तरह बदला जा रहा है ताकि नए आवंटी के प्रवेश से पहले सभी तैयारियां पूरी हो सकें।
सरकार ने नए मंत्री को किया आवंटित
राज्य सरकार ने यह सरकारी आवास पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सावन महीने में शुभ मुहूर्त के दौरान मंत्री परिवार सहित इस सरकारी आवास में प्रवेश करेंगे। इसी वजह से इन दिनों बंगले में रंगाई, पुताई और अन्य जरूरी मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है।
आखिरी लालटेन भी हटाई गई
बंगला खाली होने के बाद मुख्य परिसर से अधिकांश राजनीतिक पहचान पहले ही हटाई जा चुकी थी। हालांकि दूसरे गेट पर लगी एक छोटी लालटेन अभी भी मौजूद थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। इसके बाद लालू प्रसाद यादव की ओर से एक व्यक्ति बंगले पर पहुंचा। सुरक्षा कर्मियों से औपचारिक अनुमति लेने के बाद गेट पर लगी आखिरी लालटेन भी सावधानी से उतार ली गई। इसके साथ ही बंगले पर राष्ट्रीय जनता दल की कोई भी प्रतीकात्मक पहचान नहीं बची।
राबड़ी देवी की नेमप्लेट भी इतिहास बनी
मुख्य गेट पर वर्षों से लगी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम की पट्टी भी अब हटा दी गई है। यह नेमप्लेट लंबे समय तक इस सरकारी आवास की पहचान मानी जाती रही। इसे हटाए जाने के बाद अब बंगले पर न तो पुराने आवंटन का कोई संकेत दिखाई देता है और न ही राजद से जुड़ा कोई निशान बचा है।
भावुक हुआ समर्थक, चौखट पर टेका माथा
बंगले से लालू परिवार की पहचान हटने की खबर फैलते ही राजद का एक समर्थक वहां पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह काफी भावुक नजर आया। उसने बंगले की चौखट पर माथा टेककर श्रद्धा प्रकट की और इसे सामाजिक न्याय की राजनीति का प्रतीक बताया। वहां मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर होती रही।
अब गेरुआ रंग में नजर आएगा पूरा आवास
बंगले का बाहरी रंग भी बदला जा रहा है। पहले जहां परिसर में हरे रंग की झलक दिखाई देती थी, वहीं अब मुख्य गेट और बाहरी हिस्सों को गेरुआ रंग से रंगा जा रहा है। अंदर की दीवारों पर भी सफेद और गेरुआ रंग का संयोजन तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि नया स्वरूप सरकार की मौजूदा व्यवस्था के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
सरकारी आवासों में दिख रही नई परंपरा
हाल के वर्षों में बिहार सरकार के कई मंत्रियों को आवंटित सरकारी आवासों में एक जैसी रंग-सज्जा देखने को मिली है। विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी कोटे के मंत्रियों के सरकारी आवासों के मुख्य गेट गेरुआ रंग में रंगे गए हैं। कई आवासों के भीतर भी सफेद और गेरुआ रंग का मेल रखा गया है। अब इसी क्रम में 10 सर्कुलर रोड भी नए स्वरूप में दिखाई देगा।
बिहार की राजनीति में खास रहा है 10 सर्कुलर रोड
10 सर्कुलर रोड केवल एक सरकारी आवास नहीं रहा, बल्कि बिहार की राजनीति के कई बड़े फैसलों, बैठकों और रणनीतियों का गवाह भी रहा है। करीब बीस वर्षों तक यह लालू-राबड़ी परिवार का प्रमुख राजनीतिक केंद्र माना जाता रहा। अब नए आवंटन और बदले स्वरूप के साथ इस बंगले के राजनीतिक इतिहास का एक अध्याय समाप्त हो चुका है और एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है।
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