By Malay Ojha | Published: 14 July 2026 at 08:04 AM
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर सोमवार देर रात मिसाइल हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य चालक दल के सदस्य घायल हो गए। घायलों में कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर सीधे हमला करने का आरोप लगाते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है।
UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओमान की समुद्री सीमा के भीतर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी नौवहन मार्ग से गुजर रहे मोम्बासा और अल बहिया नामक तेल टैंकरों पर दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद दोनों जहाजों में आग लग गई और चालक दल के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत एवं बचाव दल की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है।
एक भारतीय नाविक की मौत, 6 भारतीय घायल
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ‘मोम्बासा’ टैंकर पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की हमले में मौत हो गई। इसके अलावा आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेन के नागरिक शामिल हैं। घायल चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज कराया जा रहा है। भारतीय नागरिक की मौत पर संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने भारत और मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
यूएई ने ईरान पर लगाया गंभीर आरोप
हमले के बाद संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों और समुद्री सुरक्षा के खिलाफ है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है। यूएई ने स्पष्ट किया कि उसे अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी दुनिया की चिंता
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़े तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी है टकराव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी दोनों देशों के बीच बयानबाजी और रणनीतिक दबाव बढ़ गया है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए वह अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत करेगा।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है बड़ा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में लगातार इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, समुद्री माल ढुलाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा। कई देशों ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सख्ती
संयुक्त अरब अमीरात की ओर से हमले की निंदा किए जाने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान की प्रतिक्रिया और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई है। यदि तनाव कम नहीं हुआ तो मध्य पूर्व में हालात और गंभीर हो सकते हैं, जिसका असर केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
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